कर्नाटक-1000 रैली के दौरान रविवार को मीडिया से बात करते हुए सोमाया ने कहा कि भारतीय टीम का कोच देसी हो या विदेशी, यह मायने नहीं रखता। असल बात जो मायने रखती है, वह यह है कि जूनियर स्तर पर खिलाड़ियों को अच्छा प्रशिक्षण मिलना चाहिए।
सोमाया ने कहा, "हमारा कोच देसी हो या विदेशी, मेरे हिसाब से इससे फर्क नहीं पड़ता। दोनों की देखरेख में टीम को जीत हासिल करनी है। हमारे लिए यह ज्यादा जरूरी है कि हमारे जूनियर खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण मिले। उन्हें आधुनिक हाकी की कला सिखाई जाए और बेहतर से बेहतर सुविधाएं दी जाएं।"
मौजूदा टीम के बारे में सोमाया ने कहा कि स्पेनी कोच जोस ब्रासा की देखरेख में इस टीम ने काफी सुधार किया है।
सोमाया ने कहा, "ब्रासा की देखरेख में टीम ने काफी सुधार किया है। फारवर्ड पंक्ति में खेलने वाले सरदारा सिंह को पिछली पंक्ति में ले जाने का उनका फैसला सही था। हमारी टीम ने पास, गेंद पकड़ बनाए रखने और यहां तक आक्रमण के क्षेत्र में सुधार किया है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।