यूसुफ ने कहा कि बारिश के दौरान जब खेल रुका था, तब गम्भीर ने उनसे पावर प्ले का भरपूर लाभ उठाने और अंत तक विकेट बचाए रखने के लिए कहा था। यूसुफ ने कप्तान की बातों को ध्यान में रखते हुए करियर का पहला शतक लगाकर टीम को शानदार जीत दिलाई।
मैच के बाद यूसुफ ने कहा, "बारिश के दौरान ब्रेक में गम्भीर ने मुझसे पावर-प्ले का लाभ उठाने को कहा था। साथ ही गम्भीर ने मुझे अपना विकेट नहीं खोने को कहा था। गम्भीर ने कहा कि अगर मैं आखिरी ओवर तक क्रीज पर रहता हूं तो हम मैच जीत सकते हैं। मैं कप्तान के भरोसे को जीतकर खुश हूं।"
यूसुफ ने अपना शतक अपने परिवार, कोच, दोस्तों और हरनफनमौला भाई व क्रिकेटर इरफान पठान को समर्पित किया है, जो इन दिनों खराब फॉर्म और फिटनेस की वजह से टीम इंडिया से बाहर हैं।
जीत से गदगद यूसुफ ने कहा, "मैं अपने स्वाभाविक खेल में कोई बदलाव नहीं करना चाहता हूं। मैं क्रीज पर थोड़ा समय बिताने की कोशिश करूंगा और कमजोर गेंद पर लम्बी शॉट लगाने में भी कोई संकोच नहीं करूंगा। यह शतक मेरे परिवार, दोस्तों और मेरे भाई इरफान के नाम है।"
यूसुफ ने 96 गेंदों में नाबाद 123 रन बनाए जिसमें सात चौके और सात छक्के शामिल हैं। यूसुफ की इस शानदार पारी की बदौलत भारत ने पांच मैचों की श्रृंखला में न्यूजीलैंड पर 4-0 की बढ़त हासिल कर ली है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।