पोंटिग को रेयान हैरिस और मिशेल जानसन जैसे गेंदबाजों तथा माइकल हसी और शेन वॉटसन जैसे बल्लेबाजों का शुक्रगुजार होना चाहिए, जिनकी बदौलत आस्ट्रेलिया ने तीसरे टेस्ट मैच में इंग्लैंड को 267 रनों से हराकर पांच मैचों की श्रृंखला में 1-1 की बराबरी कर ली है।
इस टेस्ट से पहले पोंटिग पर कप्तानी छोड़ने का दबाव बनता दिख रहा था लेकिन अब पोंटिंग यह कहने की स्थिति में पहुंच गए हैं कि इंग्लैंड की टीम दोबारा उनकी टीम को कमतर आंकने का भूल नहीं करेगी। पोंटिंग ने यह बात पर्थ टेस्ट के बाद कही।
पर्थ टेस्ट से पहले पोंटिंग के ऊपर कप्तानी का काफी दबाव था। आस्ट्रेलियाई क्रिकेट दिग्गजों को यह डर सताने लगाने था कि अगर पोंटिंग की नाकामी इसी तरह जारी रही तो आस्ट्रेलिया 1986-87 के बाद पहली बार अपने घर में एशेज श्रृंखला का ताज बरकरार नहीं रख पाएगा।
एशेज के अगले दोनों मैचों में खुद पोंटिंग और उनकी टीम को शानदार प्रदर्शन करना होगा वरना एक गलती उन्हें श्रृंखला से बाहर कर सकती है।
आस्ट्रेलियाई टेस्ट टीम की 2004 से बागडोर सम्भाल रहे पोंटिंग ने 76 टेस्ट मैचों में कप्तानी की है जिसमें उन्हें 48 मैचों में जीत जबकि 15 में हार मिली है। 13 टेस्ट ड्रॉ रहे हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।