इंग्लैंड के लिए भी यह मैच काफी अहम होगा क्योंकि अर्न अपने घर ले जाने के साथ-साथ एंड्रयू स्ट्रॉस के साथी निश्चित तौर पर यह श्रृंखला भी अपने नाम करना चाहेंगे। इंग्लैंड ने 24 वर्ष के बाद एशेज पर कब्जा बरकरार रखा है।
यह मैच आस्ट्रेलिया के कार्यकारी कप्तान माइकल क्लार्क को भविष्य की राह दिखाएगा जबकि चोटिल कप्तान रिकी पोंटिंग के स्थान पर अंतिम-11 में जगह पाने वाले उस्मान ख्वाजा और स्पिनर माइकल बीयर पहली बार टेस्ट कैप पहनेंगे।
क्लार्क के सामने अपनी टीम को श्रृंखला में बराबरी दिलाने और एक कप्तान के तौर पर खुद को साबित करने की चुनौती होगी। इसका कारण यह है कि उन्हें भविष्य का कप्तान माना जा रहा है लेकिन इस मैच में हार उनकी इस साख पर बट्टा लगा सकती है।
पांच मैचों की श्रृंखला में मेहमान टीम 2-1 से आगे चल रही है। उसने एडिलेड और मेलबर्न में खेले गए दूसरे और चौथे टेस्ट मैच में पारी के अंतर से जीत हासिल की थी जबकि आस्ट्रेलिया ने पर्थ टेस्ट भारी अंतर से जीता था। ब्रिस्बेन टेस्ट बराबरी पर छूटा था।
सिडनी में आस्ट्रेलिया का रिकार्ड शानदार रहा है। उसने 1996 के बाद से इस मैदान पर कुल 16 टेस्ट खेले हैं, जिनमें से 14 में उसकी जीत हुई है।
खास बात यह है कि इस दौरान एक मैच ड्रा रहा है जबकि एक मैच में उसे हार मिली है। सबसे अहम बात यह है कि सिडनी में इंग्लैंड ने ही आस्ट्रेलिया को एकमात्र बार पराजित किया है। 2002 में इंग्लैंड ने उसे 225 रनों से हराया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।