इग्लैंड की ओर से कप्तान एंड्रयू स्ट्रॉस और ऐलिस्टर कुक ने पारी की शुरुआत की। दोनों ने पहले विकेट के लिए 98 रन जोड़े। स्ट्रास 60 रन के निजी स्कोर पर आउट हुए। दूसरा विकेट जोनाथन ट्रॉट के रूप में गिरा। वह बिना खाता खोले ही आउट हो गए। कुक 42 और केविन पीटरसन 14 रन बनाकर खेल रहे हैं।
इससे पहले, चार विकेट के नुकसान पर 134 रनों से आगे खेलते हुए दूसरे दिन आस्ट्रेलिया को पांचवा झटका भी जल्द ही लग गया। ब्रेड हेडिन केवल छह रन बनाकर जेम्स एंडरसन का शिकार हो गए। वहीं कल के नाबाद बल्लेबाज माइकल हसी भी केवल 33 रन बनाकर आउट हुए। हसी को पॉल कोलिंगवुड ने क्लीन बोल्ड कर दिया।
दोनों बल्लेबाजों के पेवेलियन लौटने के बाद स्टीवन स्मिथ और मिशेल जॉनशन ने मोर्चा संभाला। स्मिथ भी लम्बी पारी नहीं खेल सके और महज 18 रन बनाकर एंडरसन का शिकार हो गया। एंडरसन ने स्मिथ को कोलिंगवुड के हाथों कैच करवाया।
स्मिथ के आउट होने के बाद क्रीज पर उतरे पीटर सिडल भी केवल दो रन बनाकर चलते बने। सिडल को भी एंडरसन ने आउट किया। तेज गेंदबाज बेन हिल्फेनहास ने जॉनसन का अच्छा साथ दिया और उन्होंने 34 रनों की पारी खेली। जॉनसन 53 रन बनाकर तथा हिल्फेनहास 34 रन बनाकर आउट हुए।
इंग्लैंड की ओर से टिम ब्रेसनन ने तीन जबकि एंडरसन ने चार विकेट लिए। क्रिस ट्रेमलेट, कोलिंगवुड और ग्रीम स्वान को एक-एक सफलता मिली।
चोटिल कप्तान रिकी पोंटिग के स्थान पर टेस्ट कैप पहनने वाले आस्ट्रेलिया के पहले मुसलमान क्रिकेट खिलाड़ी ख्वाजा बड़ी पारी नहीं खेल सके लेकिन 37 रनो की संक्षिप्त पारी के दौरान ही उन्होंने काफी प्रभावित किया। ख्वाजा ने 95 गेंदों पर पांच चौके लगाए।
पोटिग के स्थान पर टीम की कमान संभाल रहे भविष्य के नियमित कप्तान बताए जा रहे माइकल क्लार्क बतौर कप्तान अपने पहले टेस्ट मैच में बुरी तरह नाकाम रहे और केवल चार रन बनाकर पेवेलियन लौट गए।
पांच मैचों की श्रृंखला में मेहमान टीम 2-1 से आगे चल रही है। उसने एडिलेड और मेलबर्न में खेले गए दूसरे और चौथे टेस्ट मैच में पारी के अंतर से जीत हासिल की थी जबकि आस्ट्रेलिया ने पर्थ टेस्ट भारी अंतर से जीता था। ब्रिस्बेन टेस्ट बराबरी पर छूटा था।
सिडनी में आस्ट्रेलिया का रिकार्ड शानदार रहा है। उसने 1996 के बाद से इस मैदान पर कुल 16 टेस्ट खेले हैं, जिनमें से 14 में उसकी जीत हुई है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।