पहले ही दिन से मैच पर अपनी पकड़ मजबूत करने वाली इंग्लिश टीम की पहली पारी के 644 रनों के पहाड़ सरीखे स्कोर के बोझ के आगे दबी मेजबान टीम ने चौथे दिन का खेल खत्म होने तक 217 रनों के कुल योग पर अपने सात विकेट गंवा दिए हैं। इस तरह उसे पारी की हार बचाने के लिए अभी भी 151 रनों की जरूरत है जबकि उसके सिर्फ तीन विकेट शेष हैं।
चौथे दिन का खेल खत्म होने तक स्टीवन स्मिथ 40 गेंदों पर चार चौकों की मदद से 24 रन बनाकर नाबाद लौटे जबकि पीटर सिडल 17 रन बनाकर उनका साथ दे रहे हैं। दोनों के बीच 42 रनों की साझेदारी हो चुकी है। सिडल ने अपनी 28 गेंदों की पारी में तीन चौके लगाए हैं। मेजबान टीम ने अपना सातवां विकेट 171 रनों पर गंवाया था।
इंग्लैंड की ओर से जेम्स एंडरसन, क्रिस ट्रेमलेट और टिम ब्रेसनन ने दो-दो विकेट हासिल किए हैं। आस्ट्रेलिया की ओर से दूसरी पारी में कप्तान माइकल क्लार्क सर्वाधिक 41 रन बना सके जबकि शेन वॉटसन ने 38 और विकेटकीपर बल्लेबाज ब्रैड हेडिन ने 30 रनों का योगदान दिया। फिलिप ह्यूज (13), उस्मान ख्वाजा (21) और मिशेल जानसन (0) ने निराश किया।
इंग्लैंड ने तीसरे दिन की समाप्ति तक सात विकेट पर 488 रन बनाए थे। दिन की समाप्ति तक विकेटकीपर बल्लेबाज मैट प्रायर 54 और गेंदबाजी में अपना कमाल दिखाने वाले टिम ब्रेसनन खाता खोले बगैर नाबाद लौटे थे। प्रायर ने आगे बढ़कर अपना शतक पूरा किया और 118 रन बनाकर आउट हुए। ब्रेसनन ने भी 35 रनों की बेहतरीन पारी खेली।
प्रायर ने 130 गेंदों की तेज पारी में 11 चौके और एक छक्का लगाया जबकि ब्रेसनन ने 103 गेंदों पर पांच चौके लगाए। दोनों ने आठवें विकेट के लिए 102 रन जोड़े। इसके बाद ग्रीम स्वान ने भी 36 रनों की नाबाद पारी खेली जबकि ट्रेमलेट ने 12 रन बनाए। मेजबान टीम की ओर से जानसन ने सर्वाधिक चार विकेट लिए जबकि बेन हिल्फेनहाल को तीन सफलता मिली।
इस मैच में इंग्लैंड की ओर से तीन शतक लगे। प्रायर के अलावा सलामी बल्लेबाज एलिस्टर कुक (189) ने इस श्रृंखला में अपना तीसरा और इयान बेल (115) ने आस्ट्रेलिया के खिलाफ पहला शतक लगाया था। कप्तान एंड्रयू स्ट्रास ने भी 60 रनों की पारी खेली थी।
पांच मैचों की श्रृंखला में मेहमान टीम 2-1 से आगे चल रही है। उसने एडिलेड और मेलबर्न में खेले गए दूसरे और चौथे टेस्ट मैच में पारी के अंतर से जीत हासिल की थी जबकि आस्ट्रेलिया ने पर्थ टेस्ट भारी अंतर से जीता था। ब्रिस्बेन टेस्ट बराबरी पर छूटा था।
इंग्लैंड ने इस अंतर से साथ ही एशेज अर्न पर कब्जा कर लिया था क्योंकि उसने 2009 में एशेज जीता था और इस श्रृंखला के नियमों के अनुसार सिडनी में उसकी हार और श्रृंखला के बराबरी पर छूटनी की स्थिति में भी अर्न उसी के पास रहना है। इंग्लैंड ने 24 वर्ष के बाद एशेज पर कब्जा बरकरार रखा है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।