दुबई, 6 फरवरी (आईएएनएस)। अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हारून लोगर्ट ने रविवार को उम्मीद जताई कि तीन पाकिस्तानी क्रिकेट खिलाड़ियों पर लगे प्रतिबंध से उन खिलाड़ियों को सबक मिलेगा जो स्पॉट फिक्सिंग के बारे में सोच सकते हैं।
ज्ञात हो कि माइकल बेलॉफ की अध्यक्षता वाले आईसीसी के विशेष न्यायाधिकरण ने अगस्त 2010 में इंग्लैंड के खिलाफ लार्ड्स में खेले गए टेस्ट मैच में पाकिस्तानी खिलाड़ियों सलमान बट्ट, मोहम्मद आमेर और मोहम्मद आसिफ को स्पॉट फिक्सिंग का दोषी पाया।
बट को आईसीसी के भ्रष्टाचार विरोधी नियम का उल्लंघन करने का दोषी पाया गया है। बट पर 10 वर्षो, आसिफ पर सात और आमिर पर पांच वर्षो का प्रतिबंध लगा है। बट की 10 वर्षो में से पांच वर्षो की निलंबन की सजा है जबकि आसिफ की सात वर्षो में से दो वर्ष निलंबन की सजा है।
लोगर्ट ने कहा, "कार्यवाही समाप्त हो जाने पर अब मैं संतुष्ट हूं और हम न्यायाधिकरण के फैसले का सम्मान करते हैं। न्यायाधिकरण में शामिल सदस्य अत्यंत अनुभवी और मामले की व्यापक समझ रखने वाले हैं। उन्होंने सभी पक्षों की पूरी बातें सुनने के बाद अपना फैसला दिया।"
उन्होंने कहा कि अगस्त 2010 में समाचार पत्र 'न्यूज ऑफ द वर्ल्ड' द्वारा लगाए गए स्पॉट फिक्सिंग के आरोपों के बाद हम सक्रिय हो गए और जो परिणाम आया है उससे हम खुश हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।