इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के चौथे संस्करण में सभी फ्रेंचाइजी टीमों द्वारा नजरअंदाज किए जाने से आहत गांगुली ने दुखी मन से क्रिकेट छोड़ने की घोषणा की।
टेस्ट और एकदिवसीय मैचों से संन्यास ले चुके गांगुली प्रथम श्रेणी और ट्वेंटी-20 लीग में सक्रिय थे। वह आईपीएल के तीन शुरुआती संस्करणों में कोलकाता नाइट राइर्ड्स की ओर से बतौर कप्तान खेले थे।
गांगुली ने समाचार चैनल हेडलाइंस टुडे को दिए गए एक साक्षात्कार में कहा, "मैं अब आईपीएल में खेलने की संभावना नहीं देखता। इसलिए मेरे लिए अब क्रिकेट खेलने का कोई मतलब नहीं रह जाता।"
"मैं रणजी में सिर्फ इसलिए खेल रहा था क्योंकि मैं खुद को आईपीएल के लिए फिट बनाए रखना चाहता था।" गांगुली ने 2008 में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लिया था।
आईपीएल-4 की नीलामी में कोई खरीददार नहीं मिलने के बाद कोच्चि फ्रेंचाइजी टीम ने गांगुली को अपने साथ जोड़ने की इच्छा जाहिर की थी लेकिन कई फ्रेंचाइजी टीमों द्वारा इसे लेकर आपत्ति जताए जाने के बाद वह कोच्चि टीम के साथ करार नहीं कर सके।
गांगुली ने कहा, "कोच्चि ने मुझसे कहा था कि मैं उसकी ओर से खेल सकता हूं। मैंने इसे लेकर हां कर दिया था। इसे लेकर नियमों में बदलाव किया जाना चाहिए था।"
गांगुली ने अपनी नाइट राइर्ड्स टीम के अलावा दूसरी फ्रेंचाइजी टीमों द्वारा नजरअंदाज किए जाने पर निराशा व्यक्त की। गांगुली ने कहा, "मेरा पिछला प्रदर्शन इस बात का गवाह है कि मेरा चयन होना चाहिए था। प्रदर्शन के आधार पर नहीं बल्कि किसी और कारण से मेरा चयन नहीं किया गया।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।