बेंगलुरू, 13 फरवरी (आईएएनएस)। आईसीसी विश्व कप-2011 के अंतर्गत कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरू की गोद में स्थित चिन्नास्वामी स्टेडियम रविवार को खेले जाने वाले भारत के पहले मुकाबले का गवाह बनेगा। भारतीय टीम को अपने पहले अभ्यास मैच में खिताबी हैट्रिक बना चुके मौजूदा चैम्पियन आस्ट्रेलिया से भिड़ना है।
इस अभ्यास मैच के लिए चिन्नास्वामी स्टेडियम में 50,000 दर्शकों के जुटने की उम्मीद है। यह मैच रविवार को खेला जा रहा है, ऐसे में विश्व कप के मद्देनजर भारतीय टीम की तैयारियों का जायजा लेने के लिए इससे कई गुना अधिक दर्शक टेलीविजन पर इस मैच का लुत्फ लेते दिखेंगे।
भारतीय टीम ने शनिवार सुबह राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (एनसीए) में अपना चार दिवसीय प्रशिक्षण शिविर समाप्त किया है। चार दिनों तक खिलाड़ियों ने खेल के हर विभाग में गुरु गैरी कर्स्टन के साथ पसीना बहाया। इस दौरान भारतीय क्रिकेट के कई दिग्गजों ने अपने खिलाड़ियों की कमियों को सुधारने के लिए टिप्स दिए।
भारतीय टीम अभी-अभी दक्षिण अफ्रीका दौरे से लौटी है। इस दौरे में वह टेस्ट श्रृंखला ड्रॉ कराने में सफल रही लेकिन एकदिवसीय श्रृंखला में उसे हार का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद भारत की साख पर कोई फर्क नहीं पड़ा क्योंकि उसने अंतिम समय तक लड़ते हुए श्रृंखला गंवाई।
अपनी मेजबानी में खेल रही टीम इंडिया को इस बार खिताब का प्रबल दावेदार माना जा रहा है। क्रिकेट के जानकारों से लेकर आम लोगों तक की यही राय है कि महेंद्र सिंह धौनी के धुरंधर देश को 28 वर्ष के बाद एक बार फिर विश्व कप खिताब दिलाने की क्षमता रखते हैं।
धौनी ने कुछ दिन पहले कहा था कि वह अपनी टीम के सबसे कामयाब खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर के लिए यह विश्व कप जीतना चाहते हैं, जो संभवत: अपना अंतिम विश्व कप खेल रहे हैं। तेंदुलकर अपना छठा विश्व कप खेलने जा रहे हैं।
यह मैच भारत के लिए 'फाइनल' सरीखा होगा क्योंकि इस मैच के जरिए उसे ग्रुप दौर शुरू होने से पहले अपनी कमियों और मजबूतियों का पता चलेगा। बहुत कुछ पता है और बहुत कुछ चौथी बार खिताब बचाने के लिए बेचैन दिख रही रिकी पोंटिंग की टीम से भिड़ने के बाद सामने आएगा।
यह मैच दर्शकों के साथ-साथ टीम प्रबंधन और रणनीतिकारों के लिए भी अहम है, जो इसके माध्यम से कुछ आंकड़ों की अपेक्षा कर रहे हैं। आस्ट्रेलिया की टीम विश्व की सर्वोच्च वरीयता प्राप्त एकदिवसीय टीम की हैसियत से विश्व कप में हिस्सा लेने पहुंची है। उसे कमतर आंकना बेवकूफी से अधिक और कुछ नहीं होगी।
यह अलग बात है कि एशेज में उसे इंग्लैंड के हाथों हार मिली लेकिन एकदिवसीय श्रृंखला में उसने इंग्लैंड को 6-1 से हराकर साबित कर दिया कि एकदिवसीय मुकाबलों में वही बीस है। इस मैच के जरिए यह भी साबित हो जाएगा कि भारतीय माहौल में आस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों का प्रदर्शन किस स्तर का रहेगा क्योंकि वे अभी-अभी अपने घर की उछाल भरी पिचों पर खेलकर लौटे हैं।
यही भारतीय खिलाड़ियों को भी आंकना होगा क्योंकि दक्षिण अफ्रीका में उनका सामना तेज और उछाल युक्त पिचों पर मेजबान टीम के साथ हुआ था। दूसरी ओर भारत की पिचें सपाट और स्पिनरों को मदद करने वाली हैं और इस कारण धीमी पिच के हिसाब से अपने खेल को ढालना खिलाड़ियों के सामने एक गम्भीर चुनौती होगी।
शनिवार को कुल पांच अभ्यास मैच खेले गए लेकिन इनमें से एक भी मैच ऐसा नहीं था, जिसमें बराबरी की टीमों के बीच भिड़त हुई हो। भारत-आस्ट्रेलिया भिड़ंत पर उन लोगों की भी नजर रहेगी, जो इन दोनों टीमों को संभावित चैम्पियनों के तौर पर देख रहे हैं। ऐसे में यह मैच सबके लिए खास है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।