नीदरलैंड्स को हराने के बाद इंग्लैंड के कप्तान एंड्रयू स्ट्रॉस ने कहा कि हमने गेंदबाजी और क्षेत्ररक्षण में ढेर सारी गलतियां कीं और प्रदर्शन में सुधार की जरूरत है।
एंड्रयू स्ट्रॉस ने कहा, "हमने गेंदबाजी और क्षेत्ररक्षण में ढेर सारी गलतियां कीं। बल्लेबाजी के लिए विकेट बहुत अच्छा था। हम जानते थे कि यदि हम विकेट बचाकर रखेंगे तो जीत मिलनी तय है। मैचों के साथ-साथ अभी हमें अपने प्रदर्शन में सुधार करना है।"
नीदरलैंड्स की ओर शानदार शतक लगाने वाले रेयान टेन डोशेट को मैच ऑफ द मैच चुना गया। पुरस्कार मिलने के बाद डोशेट ने कहा, "यह मेरे लिए विशेष है। इतने बड़े खेल के मौके पर शतक लगाना अच्छा लगा। हमने मैच को लेकर बहुत योजना नहीं बनाई थी लेकिन जैसा हमने आकलन किया उसके अनुसार खेल का प्रदर्शन किया। विश्व कप में मेरा कोई व्यक्तिगत लक्ष्य नहीं है। मैं केवल खेलना चाहता हूं।"
293 रनों के मुश्किल लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लैंड ने 48.4 ओवरों की बल्लेबाजी के बाद 4 विकेट गंवाकर जीत हासिल कर ली। इंग्लैंड की ओर से कप्तान एंड्रयू स्ट्रॉस ने सर्वाधिक 88 रन बनाए जबकि जोनाथन ट्रॉट ने 62 रन जोड़े। इसके अलावा केविन पीटरसन ने 39 और इयान बेल ने 33 रनों का योगदान दिया।
स्ट्रॉस ने 83 गेंदों का सामना करते हुए नौ चौके लगाए जबकि पीटरसन ने 61 गेंदों पर पांच बार गेंद को सीमा रेखा के बाहर भेजा। ट्रॉट ने अपनी अर्धशतकीय पारी के दौरान 65 गेंदों का सामना करते हुए चार चौके लगाए। बेल ने सम्भली हुई पारी खेलते हुए 40 गेंदों पर एक चौका जड़ा।
पॉल कोलिंगवुड 30 रनों पर नाबाद लौटे जबकि रवि बोपारा ने भी 30 रनों का योगदान दिया। कोलिंगवुड ने 23 गेंदों का सामना करते हुए तीन चौके लगाए जबकि बोपारा ने अपनी 20 गेंदों की तेज पारी में दो चौके और एक छक्का लगाया। इन दोनों बल्लेबाजों ने 5.4 ओवरों में 55 रनों का साझेदारी निभाई।
इस तरह इंग्लैंड ने खिताब के दावेदार के तौर पर विश्व कप का जीत के साथ आगाज किया है। नीदरलैंड्स बेशक यह मैच हार गया लेकिन यह उसकी सम्मानजनक हार कही जा सकती है। पहले उसने बल्लेबाजी करते हुए 292 रन बनाए और फिर इंग्लैंड को अंतिम ओवरों तक जीत के लिए इंतजार कराया।
इससे पहले, अपना चौथा विश्व कप मैच खेल रहे अनुभवी रेयान टेन डोशेट (119) के शानदार शतक की बदौलत नीदरलैंड्स ने इंग्लैंड के सामने 293 रनों का मुश्किल लक्ष्य रखा।
दो विकेट गिरने के बाद बल्लेबाजी के लिए आए डोशेट की साहसिक पारी की बदौलत नीदरलैंड्स टीम ने टॉस जीतने के बाद बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 50 ओवरों में छह विकेट खोकर 292 रन बनाए। डोशेट ने 110 गेंदों की अपनी पारी में नौ चौके और तीन छक्के लगाए।
इसके अलावा टॉम कूपर ने 73 गेंदों पर तीन चौके की मदद से 47 रनों का योगदान दिया। टॉम डी ग्रूथ ने 31 गेंदों पर तीन चौकों की सहायता से 28 रन बनाए जबकि वेस्ले बारेसी ने 25 गेंदों पर छह झन्नाटेदार चौकों की सहायता से 29 रन जोड़े। अंतिम समय में कप्तान पीटर बोरेन ने 35 रनों की नाबाद पारी खेली। बोरेन ने 24 गेंदों पर चार चौके जड़े।
किसी ने उम्मीद भी नहीं की होगी कि नीदरलैंड्स जैसी कमजोर आंकी जाने वाली टीम हाल ही में एशेज में आस्ट्रेलिया को पटखनी देने वाले शक्तिशाली इंग्लैंड को इतना बड़ा लक्ष्य देने में सफल होगी। यह सब सम्भव हुआ अपने करियर का चौथा और विश्व कप में पहला शतक लगाने वाले डोशेट की बदौलत।
डोशेट ने नीदरलैंड्स की ओर से विश्व कप में तीसरा शतक लगाया। इससे पहले फेल्को क्लोपेनबर्ग (121) और क्लास वान नूरविक (134) 2003 विश्व कप के दौरान नामीबिया के खिलाफ शानदार शतक लगा चुके हैं।
नीदरलैंड्स के सलामी बल्लेबाज एलेक्सेई कर्वेजी16 रन बनाकर टिम ब्रेस्नन की गेंद पर मैट प्रायर के हाथों लपके गए जबकि बारेसी को ग्रीम स्वान ने प्रायर के हाथों स्टम्प कराया।
दोनों ने पहले विकेट के लिए 36 रन जोड़े। कार्वेजी पहले विदा हुए जबकि बारेसी का विकेट 58 रन के कुल योग पर गिरा। कूपर ने 73 गेंदों पर तीन चौकों की मदद से 47 रन बनाए। कूपर ने डोशेट के साथ तीसरे विकेट के लिए 78 रन जोड़े।
डोशेट ने बोरेन के साथ छठे विकेट के लिए 61 रन जोड़ने से पहले ग्रूथ के साथ पांचवें विकेट के लिए 64 रनों की साझेदारी की। बोरेन और नाबाद लौटने वाले मुदस्सर बुखारी ने सातवें विकेट के लिए 1.5 ओवरों में नाबाद 18 रन जोड़े।
इंग्लैंड की ओर से ग्रीम स्वान और स्टुअर्ट ब्रॉड ने दो-दो विकेट लिए जबकि पॉल कोलिंगवुड और टिम ब्रेस्नन को एक-एक सफलता मिली। इंग्लैंड के प्रमुख गेंदबाज जेम्स एंडरसन ने 10 ओवरों में 72 रन दिए जबकि ब्रेस्नन के 10 ओवरों में नीदरलैंड्स के बल्लेबाजों ने 65 रन जुटाए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।