आईसीसी द्वारा नियुक्त तीन सदस्यीय विशेष न्यायाधिकरण ने पांच फरवरी को बट्ट पर 10 वर्ष का प्रतिबंध लगाया था जबकि आमेर पर पांच वर्ष का प्रतिबंध लगाया गया है। इस मामले में दोषी करार दिए गए एक अन्य तेज गेंदबाज मोहम्मद आसिफ पर सात वर्ष का प्रतिबंध लगाया गया है।
बट्ट, आमेर और आसिफ पर सुनियोजित ढंग से बीते वर्ष अगस्त में लॉर्ड्स में खेले गए टेस्ट मैच में इंग्लैंड के खिलाफ जानबूझकर नोबॉल फेंकने का आरोप साबित हुआ है। इसका खुलासा ब्रिटेन के एक समाचार पत्र ने पाकिस्तानी मूल के एक सटोरिए पर किए गए स्टिंग ऑपरेशन के जरिए किया था।
इसके बाद तीनों खिलाड़ियों को निलम्बित कर दिया गया था। इस मामले में लंदन की क्राउन पुलिस जांच कर रही है। क्राउन पुलिस ने तीनों खिलाड़ियों पर आपराधिक साजिश रचने का मामला दर्ज किया है। इस मामले की अगली सुनवाई 17 मार्च को लंदन में होनी है और तीनों खिलाड़ियों के इसमें शामिल होने की उम्मीद है।
बट्ट और आमिर ने सीएएस में अपील दायर कर दी है लेकिन आसिफ ने इस सम्बंध में कुछ नहीं कहा है। आसिफ ने आईसीसी के सामने भी अपने निलम्बन के खिलाफ अपील नहीं दायर की थी। बट्ट और आमिर ने आईसीसी के इस फैसले के खिलाफ अपील की थी उनकी अपील ठुकरा दी गई थी। इसके बाद आईसीसी की समिति ने तीनों के खिलाफ अपना ऐतिहासिक फैसला सुनाया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।