बांग्लादेश के खिलाफ भारत को स्पष्ट विजेता माना जा रहा था लेकिन इंग्लैंड के खिलाफ महेंद्र सिंह धौनी के साथियों को जीत के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाना होगा। इंग्लैंड बेशक एक दिवसीय क्रिकेट में ताकत का दर्जा नहीं रखता लेकिन उसमें किसी भी टीम को हराने की क्षमता है।
इस लिहाज से भारत को अपना दूसरा मैच जीतकर खिताब के दावेदार के तौर पर स्थिति मजबूत करने के लिए कई मुश्किलों का सामना करना होगा। उसके सामने सबसे बड़ी चुनौती इंग्लिश गेंदबाजों की ऊंची उठती गेंदें होंगी, जो हाल के दिनों में कई भारतीय बल्लेबाजों की कमजोरी के तौर पर सामने आई हैं।
इंग्लैंड के तेज गेंदबाज स्टुअर्ट ब्रॉड कह चुके हैं कि उनकी टीम भारतीय बल्लेबाजों की इस कमजोरी का फायदा उठाने का प्रयास करेगी। ब्रॉड के अलावा जेम्स एंडरसन भारत के लिए मुश्किलें खड़ी करेंगे। वैसे भी टीम इंडिया पहले से ही कई मुश्किलों से घिरी पड़ी है।
शुक्रवार को अभ्यास करते वक्त वीरेंद्र सहवाग की पसली में चोट लगी थी जबकि एक दिन पहले युवराज सिंह अभ्यास करते वक्त चोटिल हो गए थे। इसी सोमवार को सचिन तेंदुलकर को अपनी कोहनी का एमआरआई स्कैन कराना पड़ा था। अच्छी बात यह है कि छोटी-मोटी परेशानियों के अलावा भारत के पास किसी खिलाड़ी के गम्भीर रूप से चोटिल होने की कोई बुरी खबर नहीं है।
टीम प्रबंधन ने साफ कर दिया है कि सहवाग रविवार को खेलेंगे। इसी तरह युवराज और सचिन को भी खेलने के लिए हरी झंडी मिल गई है। छह दिनों के वक्त ने टीम इंडिया के कई प्रमुख खिलाड़ियों को पूरी तरह फिट होने में मदद की है। इनमें जहीर खान प्रमुख हैं।
जहीर विश्व कप से पहले खेले गए दोनों अभ्यास मैचों में नहीं खेल सके थे। वह बेशक बांग्लादेश के खिलाफ खेले थे लेकिन अपनी पूरी लय में नहीं दिखे थे। आराम के इस क्षण ने शांताकुमारन श्रीसंत को कोच गैरी कर्स्टन से कुछ गुर सीखने का समय दे दिया है। श्रीसंत ने बांग्लादेश के खिलाफ पांच ओवरों में 53 रन लुटाए थे।
बेंगलुरू में बीते तीन दिनों से कभी-कभार बारिश हो रही है और इस कारण पिच को अंतिम रूप देने में दिक्कत आ रही है। शनिवार को अच्छी धूप खिली और इससे पिच पर मौजूद नमी को हटने की उम्मीद की जा रही है। इसके बावजूद पिच में अपेक्षाकृत अधिक नमी रहेगी और यही बात कप्तानों को टीम संयोजन तैयार करने को लेकर परेशान करेगी।
भारत चार विशेषज्ञ गेंदबाजों के साथ खेलना चाहेगा लेकिन इंग्लैंड पांच गेंदबाजों को मैदान में उतारने के पक्ष में दिखाई दे रहा है। भारत को किसी भी हाल में दो स्पिनर खिलाने होंगे क्योंकि आस्ट्रेलिया के खिलाफ यहां खेले गए अभ्यास मैच में स्पिनरों ने ही उसकी नैया पार लगाई थी। उस मैच के शुरुआती क्षणों में पिच ने तेज गेंदबाजों को मदद पहुंचाया था लेकिन बाद में वह स्पिनरों की दोस्त बनकर सामने आई थी।
बेंगलुरू में बड़ा स्कोर बनने की उम्मीद नहीं दिखाई दे रही है लेकिन दोनों टीमों के बीच मुकाबला कांटे का होगा, इसकी पूरी सम्भावना है। इंग्लैंड बेशक आस्ट्रेलिया से 1-6 से एकदिवसीय श्रृंखला हारकर विश्व कप के लिए भारत पहुंचा है लेकिन उसमें दिग्गजों को हराने की क्षमता है। एशेज जीतने के बाद वैसे ही इंग्लैंड के हौसले बुलंद हैं।
इसके अलावा उसके पास कप्तान एंड्रयू स्ट्रास, जोनाथन ट्रॉट, केविन पीटरसन, रवि बोपारा, इयान बेल, पॉल कोलिगवुड और मैट प्रायर जैसे बल्लेबाज हैं। प्रयार को छोड़कर बाकी सभी खिलाड़ियों ने हाल के दिनों में अपना फार्म वापस पा लिया है। गेंदबाजी में इंग्लैंड के पास ग्रीम स्वान जैसा विशेषज्ञ स्पिनर है जो हालात मुताबिक होने पर किसी भी बल्लेबाजी क्रम को नेस्तनाबूत कर सकता है।
साथ ही साथ इंग्लैंड को अपने सबसे भरोसेमंद तेज गेंदबाज ब्रॉड से सबसे अधिक उम्मीद रहेगी। एंडरसन के रूप में ब्रॉड के पास अच्छा साथी है जबकि टिम ब्रेस्नन इस तिकड़ी का अहम हिस्सा हैं। बेंगलुरू में बीते दिनों टिकटों के लिए जिस स्तर का संघर्ष देखने को मिला, उससे तो यही लगता है कि इस मुकाबले को देखने के लिए 40,000 से अधिक लोग चिन्नास्वामी स्टेडियम का रुख करेंगे।
टीमें इस प्रकार हैं :
भारत : महेंद्र सिंह धौनी, वीरेंद्र सहवाग, रविचंद्रन अश्विन, पीयूष चावला, गौतम गम्भीर, हरभजन सिंह, जहीर खान, विराट कोहली, शांताकुमारन श्रीसंत, आशीष नेहरा, मुनाफ पटेल, यूसुफ पठान, सुरेश रैना, सचिन तेंदुलकर और युवराज सिंह।
इंग्लैंड : एंड्रयू स्ट्रॉस, जेम्स एंडरसन, इयान बेल, टिम ब्रेस्नन, स्टुअर्ट ब्रॉड, पॉल कोलिंगवुड, केविन पीटरसन, मैट प्रायर, अजमल शहजाद, ग्रीम स्वान, जेम्स ट्रेडवेल, जोनाथन ट्रॉट, ल्यूक राइट, माइकल यार्डी, रवि बोपारा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।