मैच खत्म होने के बाद कप्तान महेंद्र सिंह धौनी ने कहा, "जिस तरीके से उन्होंने खेलना शुरू किया। उसे देखते हुए मैं मैच बराबर होने से खुश हूं। गेंदबाजों को उन्हें आउट करने में दिक्कतें हो रही थीं, लेकिन जहीर खान ने भारतीय टीम को मैच में वापस लाया। वह अलग तरह के गेंदबाज हैं। गेंदबाजी में हमें सुधार करने की जरूरत है।"
इग्लैंड टीम के कप्तान और मैन ऑफ द मैच पुरस्कार के विजेता स्ट्रॉस ने कहा, "यह मेरी अब तक की सर्वोत्तम पारी है। हम जीत के काफी करीब आ चुके थे लेकिन अंतिम ओवरों में भारतीय गेंदबाजों ने अच्छी गेंदबाजी की। मैच बराबरी पर छूटना अच्छा और बुरा दोनों है।"
एक समय इंग्लैंड टीम का स्कोर 2 विकेट के नुकासन पर 281 रन था और मैदान पर कप्तान एंड्रयू स्ट्रॉस (158) इयान बेल (69) जमे हुए थे। उस वक्त मैच इंग्लैंड की झोली में जाती दिख रही थी लेकिन जहीर ने एक ही ओवर में दोनों बल्लेबाजों के पेवेलियन की राह दिखाकर मैच में भारत को वापस ला दिया।
भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 49.5 ओवरों में 338 रन बनाए। इसके जवाब में बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड की टीम निर्धारित 50 ओवरों में आठ विकेट के नुकसान पर 338 रन ही बना सकी। इस तरह मैच बराबरी पर खत्म हुआ।
इंग्लैंड की ओर से कप्तान एंड्रयू स्ट्रॉस ने 145 गेंदों में 18 चौके और एक छक्के की मदद से 158 रन बनाए। इसके अलावा इयान बेल ने 71 गेंदों में चार चौके और एक छक्के की मदद से 69 रनों का योगदान दिया।
इंग्लैंड की शुरुआत अच्छी रही। केविन पीटरसन 22 गेंदों पर पांच चौकों की मदद से 31 रन बनाकर मुनाफ पटेल की गेंद पर उन्हीं को कैच थमा बैठे। पीटरसन ने स्ट्रॉस के साथ मिलकर पहले विकेट के लिए 68 रन जोड़े।
जोनाथन ट्रॉट 19 गेंदों पर एक चौके की मदद से 16 रन के निजी योग पर पीयूष चावला की गेंद पर पगबाधा करार दिए गए। स्ट्रॉस के साथ मिलकर ट्रॉट ने दूसरे विकेट के लिए 43 रन जोड़े। ट्रॉट का विकेट 111 के योग पर गिरा।
इसके बाद इयान बेल को जहीर खान ने 43वें ओवर में विराट कोहली के हाथों कैच आउट कराया। इसके बाद अगली ही गेंद पर खान ने स्टॉस को पगबाधा आउट किया।
पॉल कोलिंगवुड एक रन बनाकर खान की गेंद पर बोल्ड हो गए। मैट प्रायर ने चार, माइकल यार्डी ने 13 और टिम ब्रेस्नन ने 14 रनों का योगदान दिया।
भारत की ओर से जहीर खान ने तीन विकेट झटके जबकि मुनाफ पटेल और चावला को दो-दो विकेट मिले। हरभजन सिंह को एक विकेट मिला।
इससे पहले, भारत की पूरी टीम 49.5 ओवरों में 338 रन बनाकर पेवेलियन लौट गई। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत तेज रही। पारी की शुरुआत वीरेंद्र सहवाग और सचिन तेंदुलकर ने की। सहवाग ने 26 गेंदों पर छह चौकों की मदद से 35 रन बनाए।
भारत को पहला झटका सहवाग के रूप में लगा। तेज गेंदबाज टिम ब्रेसनन ने सहवाग को मैट प्रायर के हाथों कैच करवाया। सहवाग ने तेंदुलकर के साथ मिलकर पहले विकेट के लिए 46 रन जोड़े।
गम्भीर ने 61 गेंदों पर पांच चौकों की मदद से 51 रन बनाए। वह स्पिन गेंदबाज ग्रीम स्वान की गेंद पर बोल्ड हो गए। गम्भीर ने तेंदुलकर के साथ मिलकर दूसरे विकेट के लिए 134 रन जोड़े।
तेंदुलकर ने 115 गेंदों पर 10 चौकों और पांच छक्कों की मदद से शानदार 120 रन बनाए। जेम्स एंडरसन ने तेंदुलकर को माइकल यार्डी के हाथों लपकवाया। इस दौरान तेंदुलकर ने एकदिवसीय करियर का 47वां शतक पूरा किया जबकि विश्व कप में उन्होंने पांचवां शतक लगाया।
युवराज सिंह ने 50 गेंदों पर नौ चौकों की मदद से 58 रनों की पारी खेली। उन्हें यार्डी ने इयान बेल के हाथों कैच करवाया। तेंदुलकर के साथ मिलकर युवराज ने तीसरे विकेट के लिए 56 रनों की साझेदारी की।
कप्तान महेंद्र सिंह धौनी ने 25 गेंदों पर तीन चौकों और एक छक्के की मदद से 31 रन बनाए। ब्रेसनन की गेंद पर स्थानापन्न खिलाड़ी ल्यूक राइट ने उनका कैच लपका। धौनी का विकेट 305 के योग पर गिरा। धौनी ने युवराज के साथ मिलकर चौथे विकेट के लिए 69 रन जोड़े।
हरमनमौला यूसुफ पठान ने आठ गेंदों पर एक चौके और एक छक्के की मदद से 14 रन बनाए। ब्रेसनन ने यूसुफ को स्वान के हाथों कैच करवाया।
बांग्लादेश के खिलाफ शतक लगाने वाले विराट कोहली आठ रन बनाकर ब्रेसनन के शिकार हो गए। जबकि हरभजन सिह बिना खाता खोले ब्रेसनन की गेंद पर पगबाधा करार दिए गए।
पीयूष चावला दो रन के निजी योग पर जबकि जहीर खान चार रन के निजी योग पर रनआउट होकर पेवेलियन लौट गए। मुनाफ पटेल बिना खाता खोले पेवेलियन लौटै।
इंग्लैंड की ओर से ब्रेसनन ने सर्वाधिक पांच विकेट चटकाए जबकि स्वान, एंडरसन और यार्डी के खाते में एक-एक विकेट गया।
दोनों टीमों का यह दूसरा मैच था। भारत ने अपने पहले मैच में सह मेजबान बांग्लादेश को 87 रनों से हराया था वहीं इंग्लैंड ने नीदरलैंड्स को छह विकेट से पराजित किया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।