पहली जीत का इंतजार कर रही कैरेबियाई टीम के सामने नीदरलैंड्स की टीम होगी लेकिन डेरेन सैमी के साथियों को चौकन्ना रहते हुए अपनी रणनीति को अंजाम तक पहुंचाना होगा, क्योंकि नीदरलैंड्स अपने पहले मैच में इंग्लैंड को पानी पिला चुका है।
वेस्टइंडीज भले ही अपने पहले मैच में दक्षिण अफ्रीका से हार गया लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि वह खिताबी दौड़ से बाहर हो गया है। बेशक ड्वेन ब्रावो का बाहर होना उसके लिए खासा नुकसानदेह है लेकिन टूर्नामेंट के फारमेट के कारण वह एक मैच गंवाकर भी क्वार्टर फाइनल में और फिर सेमीफाइनल में पहुंच सकता है।
ब्रावो घुटने में लगी चोट के कारण विश्व कप से बाहर हो गए हैं। वह दक्षिण अफ्रीका के साथ 24 फरवरी को कोटला मैदान पर ही गेंदबाजी के दौरान पिच पर फिसल गए थे। इसके बावजूद वेस्टइंडीज के पास इतनी ताकत शेष है कि वह नीदरलैंड्स को आसानी से हरा सकता है लेकिन पीटर बोरेन की टीम को कमतर आंकना सैमी के साथियों को महंगा भी पड़ सकता है।
रेयान टेन डोशेट, टॉम डी ग्रूथ और टॉम कूपर की अच्छी पारियों की बदौलत नीदरलैंड्स ने इंग्लैंड के सामने बहुत चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा था। डोशेट ने अपने करियर का दूसरा और विश्व कप का पहला शतक लगाया था। ऐसे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों से लैस टीम को कमतर आंकने की भूल कोई विपक्षी कप्तान नहीं कर सकता।
वेस्टइंडीज ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ कई गलतियां की थीं और इस मैच के माध्यम से उनमें सुधार की गुंजाइश तलाशेगा। जहां तक नीदरलैंड्स की बात है तो उसके सामने विश्व कप का पहला चौंकाने वाला नतीजा देने का शानदार मौका है। वैसे यह काम उसके लिए काफी कठिन है लेकिन एकदिवसीय क्रिकेट में किसी असामान्य घटना से कभी भी इंकार नहीं किया जा सकता।
यह मैच वेस्टइंडीज के वरिष्ठ सलामी बल्लेबाज क्रिस गेल और केरन पोलार्ड आगे आने वाले अहम मुकाबलों के मद्देनजर अपने बल्ले का मुंह खोलने का मौका देगा। गेल दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दो रन पर आउट हो गए थे जबकि पोलार्ड ने खाता भी नहीं खोला था।
कोटला में सोमवार को बहुत अधिक दर्शकों के जुटने की उम्मीद नहीं की जा सकती लेकिन जो आएंगे, वे निश्चित तौर पर गेल, पोलार्ड, डोशेट और ब्रायन लारा सरीखी बल्लेबाजी करते दिख रहे डेरेन ब्रावो की शानदार बल्लेबाजी देखने स्टेडियम का रुख करेंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।