'रेलवे जॉब में स्थानीय लोगों को अवसर'
नई दिल्ली। रेल मंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि रेलवे में 50 प्रतिशत नौकरियां स्थानीय लोगों के लिए आरक्षित होनी चाहिए। इससे सभी शहरों के स्थानीय लोगों को फायदा पहुंचेगा। ममता बनर्जी ने इस काम के लिए रेलवे भर्ती बोर्ड के ढांचे में परिवर्तन करने की सिफारिश की है।
श्वेत पत्र लाने की घोषणा हुई
गुरुवार को संसद में रेलवे बजट को ध्वनि मत से पारित कर दिया गया। बजट पारित होने से पहले रेल मंत्री ने पिछले पांच साल के रेल मंत्रालय के कार्यों का ब्योरा देने के लिए सदन में श्वेत पत्र लाने की घोषणा की। इसके अलावा सुश्री बनर्जी ने भविष्य की योजनाओं से संबंधित पत्र भी संसद में पेश करने की बात कही।
ममता बनर्जी के श्वेत पत्र लाने की बात पर भाजपा सांसद अनंत कुमार ने सवाल उठाया कि क्या वो शीतकालीन सत्र के पहले दिन श्वेत पत्र प्रस्तुत कर सकेंगी। इस पर ममता बनर्जी ने कहा, "अभी मैनें रेलवे का आंतरिक संपरीक्षण नहीं करवाया है। उसमें समय लगेगा। श्वेत पत्र और भविष्य की योजनाएं बनाने के लिए मुझे समय दिया जाए।"
क्षेत्रीय भाषाओं में भी हो रेलवे परीक्षा
संसद में ममता बनर्जी ने कहा कि विभिन्न राज्यों से स्थानीय लोगों को आरक्षण देने की मांग चल रही है। इस पर जल्द ही फैसला लिया जाएगा। उन्होंने कहा रेलवे भर्ती बोर्ड की परीक्षाएं क्षेत्रीय भाषाओं में भी होनी चाहिए, जिससे परीक्षार्थियों को उत्तर देने में आसानी हो।
सुश्री बनर्जी ने कहा कि जल्द से जल्द रेलवे स्टेशनों पर जनता खाना मुहैया करा दिया जाएगा। इसके लिए कोई आउटसोर्सिंग नहीं की जाएगी। ममता ने कहा कि रेलवे स्टेशनों को विश्व स्तरीय बनाने के लिए वैश्विक स्तर पर ही टेंडर निकाले जाएंगे। उन्होंने साफ किया कि रेलवे अपनी जमीन बेजेगा नहीं, हां लीज़ पर जरूर उठाएगा।
श्वेत पत्र लाने की घोषणा हुई
गुरुवार को संसद में रेलवे बजट को ध्वनि मत से पारित कर दिया गया। बजट पारित होने से पहले रेल मंत्री ने पिछले पांच साल के रेल मंत्रालय के कार्यों का ब्योरा देने के लिए सदन में श्वेत पत्र लाने की घोषणा की। इसके अलावा सुश्री बनर्जी ने भविष्य की योजनाओं से संबंधित पत्र भी संसद में पेश करने की बात कही।
ममता बनर्जी के श्वेत पत्र लाने की बात पर भाजपा सांसद अनंत कुमार ने सवाल उठाया कि क्या वो शीतकालीन सत्र के पहले दिन श्वेत पत्र प्रस्तुत कर सकेंगी। इस पर ममता बनर्जी ने कहा, "अभी मैनें रेलवे का आंतरिक संपरीक्षण नहीं करवाया है। उसमें समय लगेगा। श्वेत पत्र और भविष्य की योजनाएं बनाने के लिए मुझे समय दिया जाए।"
क्षेत्रीय भाषाओं में भी हो रेलवे परीक्षा
संसद में ममता बनर्जी ने कहा कि विभिन्न राज्यों से स्थानीय लोगों को आरक्षण देने की मांग चल रही है। इस पर जल्द ही फैसला लिया जाएगा। उन्होंने कहा रेलवे भर्ती बोर्ड की परीक्षाएं क्षेत्रीय भाषाओं में भी होनी चाहिए, जिससे परीक्षार्थियों को उत्तर देने में आसानी हो।
सुश्री बनर्जी ने कहा कि जल्द से जल्द रेलवे स्टेशनों पर जनता खाना मुहैया करा दिया जाएगा। इसके लिए कोई आउटसोर्सिंग नहीं की जाएगी। ममता ने कहा कि रेलवे स्टेशनों को विश्व स्तरीय बनाने के लिए वैश्विक स्तर पर ही टेंडर निकाले जाएंगे। उन्होंने साफ किया कि रेलवे अपनी जमीन बेजेगा नहीं, हां लीज़ पर जरूर उठाएगा।
Story first published: Tuesday, November 14, 2017, 12:23 [IST]
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