नई दिल्ली। रियो ओलंपिक में भारत के निशानेबाजों का प्रदर्शन निराशाजनक क्यों रहा, अब इसकी समीक्षा हो सकती है। इसके लिए भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ यानी एनआरएआइ ने पूर्व ओलंपिक चैंपियन अभिनव बिंद्रा की अगुआई में स्पेशल कमेटी के गठन का प्रस्ताव रखा है। भारतीय निशानेबाजों के खेल स्तर की विस्तृत रूप से समीक्षा होगी।
Read : अरविंद केजरीवाल ने नरेंद्र मोदी सरकार की आलोचना में ही फूंक दिए 70 लाख रुपए : CAG रिपोर्ट
जैसा कि आपको मालूम होगा कि रियो ओलंपिक में भारतीय निशानेबाजों का निशाना पदक के आसपास भी नहीं लगा था। हालांकि, अभिनव बिंद्रा काफी करीब तक पहुंचे थे और मामूली अंतर से कांस्य पदक गंवा बैठे थे। इनके अलावा किसी अन्य निशानेबाज से उम्मीदों के अनुरूप प्रदर्शन नहीं किया था।
यह समिति पूरी तरह से स्वतंत्र होगी। उम्मीद की जानी चाहिए कि इस समीक्षा के बाद आने वाले दिनों में निशानेबाज अपनी कमजोरियों को ध्यान में रखते हुए उन्हें सुधारेंगे और बेहतर प्रदर्शन करेंगे। भारत की तरफ से हिना सिद्धू, मानवजीत सिंह संधू, गगन नारंग, जीतू राय, अपूर्वी चंदेला समेत निशानेबाजों ने देश को निराश किया था।
कमेटी निशानेबाजी से जुड़े उन तमाम पहलुओं पर भी गौर करेगी जो कि किसी अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के लिए जरूरी होते हैं। इस बार ओलंपिक में पिछले तीन ओलंपिक खेलों का सबसे बड़ा भारतीय दल रियो गया था। इसके बावजूद भारत की झोली में महज दो पदक ही आए।
अभिनव बिंद्रा के अलावा इस नई समिति में एनआरएआइ सचिव राजीव भाटिया, पूर्व राष्ट्रीय टेनिस चैंपियन मनीषा मल्होत्रा के साथ ही दो जर्नलिस्ट्स को भी जगह मिल सकती है।