नई दिल्ली। एशियन गेम्स में खून पसीना एक करके भारत के लिए मेडल लाने की कोशिश में जुटे खिलाड़ियों को अभी तक उनका दैनिक भत्ता नहीं दिया गया है। इंडोनेशिया के पालेमबांग में स्पर्धाएं लगभग खत्म होने को हैं। भारतीय दल के एक अधिकारी ने की पुष्टि के बाद यह बात सामने आई है। भारतीय खिलाड़ियों को अब भी उनका 50 डॉलर का दैनिक भत्ता नहीं मिला है। पालेमबांग टेनिस और निशानेबाजी जैसे कुछ खेलों का आयोजन स्थल है। जहां टेनिस में भारतीय खिलाड़ियों की सभी स्पर्धाएं समाप्त हो चुकी हैं, निशानेबाजी की स्पर्धा रविवार को खत्म होगी।
फोरेक्स कार्ड मिला लेकिन पैसे नहीं:दोनों ही खेलों में भारतीय खिलाड़ियों ने अच्छा प्रदर्शन करते हुए देश को अब तक मिले कुल 6 स्वर्ण पदकों में आधे यानी 3 स्वर्ण जीते हैं। लेकिन अब भी उन्हें उनका दैनिक भत्ता मिलना बाकी है।
अधिकतर टेनिस खिलाड़ी और निशानेबाज पहले ही अपनी दूसरी प्रतियोगिताओं के लिए यहां से रवाना हो चुके हैं। जहां निशानेबाज साउथ कोरिया के चांगवोन में वर्ल्ड चैंपियनशिप में हिस्सा लेने के लिए जा रहे हैं वहीं युगल में स्वर्ण जीतने वाली रोहन बोपन्ना और दिविज शरन की जोड़ी न्यू यॉर्क में अमेरिकी ओपन टेनिस में हिस्सा लेगी। सभी खिलाड़ियों को फोरेक्स कार्ड दे दिया गया है लेकिन उसमें अब तक पैसे नहीं डाले गए हैं।
भारतीय ओलिंपिक संघ (आईओए) की तरफ से एशियाई खेलों में देश के दल प्रमुख बी एस कुशवाहा ने कहा कि फोरेक्स कार्ड जल्द ही काम करने लगेंगे। उन्होंने कहा, 'ये कार्ड दिल्ली से चालू किए जाएंगे यहां से नहीं। मैं दिल्ली में आईओए के अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में हूं और उनका कहना है कि यह काम जल्द ही हो जाएगा। यह आज शाम तक हो सकता है।'
इस भत्ते को खेल मंत्रालय मंजूरी देता है। लेकिन यह सुनिश्चित करने का काम आईओए देखता है कि खिलाड़ियों को ये भत्ते मिलें। हालांकि देरी से सीनियर खिलाड़ियों पर असर नहीं पड़ता लेकिन नए खिलाड़ियों के लिए यह मुश्किल भरी स्थिति है। एक खिलाड़ी ने पहचान उजागर ना करने की शर्त पर बताया, 'खेल गांव में वैसे तो सब कुछ है, लेकिन कई बार आपको पैसे की जरूरत होती है। मेरा मानना है कि अगर आपको पैसे देने ही हैं तो टूर्नमेंट की शुरुआत में ही क्यों नहीं ऐसा करते? ज्यादातर टेनिस खिलाड़ी जा चुके हैं इसलिए वे कार्ड अब चालू करें तो क्या मतलब है?'
निशानेबाजी टीम के एक अधिकारी ने ने बताया कि गोल्ड कोस्ट में हुए राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान ऐसा नहींं हुआ था।लेकिन इस बार उन्हें भत्ते के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। हमें बताया गया है कि हमें शनिवार रात तक भत्ता मिल जाएगा। लेकिन बेहतर यह होता कि हमें किसी प्रतियोगिता की शुरुआत में ही या फिर बीच में ही भत्ता मिल जाता।अब तो यह खत्म होने के करीब है।'
दल प्रमुख की दलील:
देश के दल प्रमुख बी एस कुशवाहा का कहना है कि कई बार खिलाड़ियों की गलत सूचना से भी भत्ते मिलने में देरी हो सकती है। उन्होंने कहा, 'कई बार वे जो पासपोर्ट संख्या भेजते हैं, वह गलत हो सकती है या फॉर्म भरने में किसी तरह की गलती से देरी हो सकती है। दिल्ली में बैठे अधिकारी इस मसले पर काम कर रहे हैं।और जल्द ही इसे निपटा लिया जाएगा।