For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS  
For Daily Alerts

एशियाई खेलों का समापन

By Super

मुकेश शर्मा

बीबीसी संवाददाता, ग्वांगजो से

चीन में 14वें एशियाई खेलों का समापन एक भव्य समारोह के साथ हुआ है. अब ये खेल चार साल बाद दक्षिण कोरिया के इंचियोन में शहर आयोजित किए जाएंगे.

चीन ने 14वें एशियाई खेलों में 199 स्वर्ण, 119 रजत और 98 काँस्य पदकों सहित कुल 416 पदक जीते. एक और स्वर्ण के साथ चीन एशियाई खेलों के इतिहास में पहली बार स्वर्ण पदकों का दोहरा शतक लगा देता, मगर चूक गया.

फिर भी कोई देश उसके आस-पास भी नहीं था क्योंकि दूसरे स्थान पर रहे दक्षिण कोरिया के 76 स्वर्ण, 65 रजत और 91 काँस्य पदकों सहति कुल 232 पदक थे.

माना जा रहा था कि दूसरे स्थान के लिए जापान और दक्षिण कोरिया में संघर्ष होगा मगर ऐसा कुछ नहीं हुआ और जापान 48 स्वर्ण पदकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा.

ये अब तक के सबसे बड़े एशियाई खेल थे जहाँ 42 खेलों में 476 स्वर्ण पदकों का फ़ैसला हुआ.

इनमें 45 एशियाई देशों और क्षेत्रों के लगभग 10 हज़ार एथलीट्स ने हिस्सा लिया.

पदक तालिका में 36 देशों और क्षेत्रों को जगह मिली जबकि स्वर्ण कुल मिलाकर 28 देशों और क्षेत्रों ने जीता.

कुल मिलाकर 1400 ड्रग टेस्ट हुए जिनमें से दो लोगों के नमूने पॉज़िटिव पाए गए.

चीन का बोलबाला

क्रिकेट का इन खेलों में आग़ाज़ हुआ हालाँकि क्रिकेट महाशक्ति भारत इससे दूर ही रहा. इस खेल को 2014 में होने वाले इंचियॉन एशियाई खेलों से बाहर करने की बात भी हुई मगर सूत्रों के मुताबिक़ क्रिकेट के लिए लॉबी करने वाले कई लोग थे और उसे बचा लिया गया है.

इन खेलों में दूसरे स्थान पर दक्षिण कोरिया रहा जिसे 76 स्वर्ण पदक मिले.

महिलाओं के क्रिकेट का स्वर्ण पदक पाकिस्तान ने जीता मगर पुरुषों की टीम सेमीफ़ाइनल में अफ़ग़ानिस्तान से हार गई और स्वर्ण बांग्लादेश ने जीता.

इन खेलों में तीरंदाज़ी में दक्षिण कोरिया ने विश्व रिकॉर्ड बनाया. साथ ही उसने लगातार आठवीं बार टीम का स्वर्ण जीत लिया.

महिलाओं और पुरुषों के टीम और एकल ख़िताब यानी चारों स्वर्ण दक्षिण कोरिया ने जीते.

एथलेटिक्स में चीन का बोलबाला रहा जहाँ उसने 13 स्वर्ण सहित कुल 36 पदक जीते. दूसरे नंबर पर पाँच स्वर्ण के साथ भारत रहा.

बैडमिंटन और मुक्केबाज़ी

बैडमिंटन में पुरुषों में स्थानीय लिन डान, इंडोनेशिया के तौफ़ीक़ हिदायत और मलेशियाई शीर्ष वरीयता प्राप्त ली चोंग वेइ के बीच मुक़ाबला था मगर ओलंपिक और विश्व चैंपियन लिन डान ने एशियाई खेलों का स्वर्ण भी जीत लिया.

बास्केटबॉल में भी चीन ने पुरुष और महिला दोनों वर्गों में स्वर्ण अपने पास बरक़रार रखा.

मुक्केबाज़ी में चीन ने पाँच स्वर्ण सहित कुल 10 पदक जीते जबकि भारत के पास दो स्वर्ण सहित कुल नौ पदक आए.

फ़ुटबॉल में जापान ने महिलाओं और पुरुषों दोनों ही वर्गों में स्वर्ण पदक पर क़ब्ज़ा किया.

हॉकी में चीन ने महिलाओं का स्वर्ण जीता और पुरुषों के ग्रुप में मामला काफ़ी रोमाँचक रहा.

भारत और दक्षिण कोरिया ख़ास तौर पर मज़बूत टीमें मानी जा रहीं थीं

मगर पाकिस्तान और मलेशिया ने फ़ाइनल में जगह बनाई और स्वर्ण जीतकर पाकिस्तान की टीम ने लंदन ओलंपिक के लिए क्वालिफ़ाई भी कर लिया.

भारत को काँस्य पदक से ही संतोष करना पड़ा.

निशानेबाज़ी

बास्केट बॉल में भी चीन को स्वर्ण पदक मिला.

जूडो में जापान और दक्षिण कोरिया के बीच कड़ी टक्कर रही जहाँ जापान ने सात और दक्षिण कोरिया ने छह स्वर्ण पदक जीते.

निशानेबाज़ी में कुल 44 स्वर्ण पदक दाँव पर थे और चीन ने सबको पीछे छोड़ते हुए 20 स्वर्ण पदक जीते.

दक्षिण कोरिया आश्चर्यजनक रूप से बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 13 स्वर्ण के साथ दूसरे स्थान पर रहा.

उत्तर कोरिया और कुवैत ने तीन-तीन स्वर्ण अपने खाते में किए.

तैराकी में चीन के सामने कोई नहीं टिक सका और उसने 24 स्वर्ण पदक अपने नाम किए. जापान नौ स्वर्ण पदकों के साथ दूसरे स्थान पर रहा.

चीन के पास आठ स्वर्ण भारोत्तोलन में भी रहे.

उधर कुश्ती में ईरान सबसे आगे रहा, जिसने सात स्वर्ण पदक जीते, जापान को तीन स्वर्ण मिले.

Story first published: Tuesday, November 14, 2017, 12:50 [IST]
Other articles published on Nov 14, 2017
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+