इससे पहले रविवार को सुरेश कलमाड़ी ने मंत्री समूह के प्रमुख जयपाल रेड्डी से मुलाक़ात की. राष्ट्रमंडल खेलों में भ्रष्टाचार पर बिठाई गई जांच के बाद मंत्री समूह की ये पहली बैठक है. प्रधानमंत्री पहले ही राष्ट्रमंडल खेलों में भष्ट्राचार की जांच के लिए एक समिति गठित कर चुके हैं. इधर खेलों में भ्रष्टाचार के मुद्दे पर दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित और सुरेश कलमाड़ी के बीच आरोप प्रत्यारोप जारी हैं.
आरोप-प्रत्यारोप
जयपाल रेड्डी की अध्यक्षता में गठित मंत्री समूह खेलों की समीक्षा करेगा. रविवार को आयोजन समिति के प्रमुख सुरेश कलमाड़ी ने दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित पर ग़लत बयानी का आरोप लगाते हुए कहा कि शीला दीक्षित जिस आयोजन समिति के कामकाज को संदेहास्पद बता रही हैं उसके आयोजन को राष्ट्रमंडल खेलों के प्रमुख माइकल फ़ेनेल बेहतरीन और सफल घोषित कर चुके हैं.
मीडिया को जारी अपने बयान में कहा, ''दूसरों पर इस तरह उंगली उठाना ठीक नहीं है. मुख्यमंत्री पहले अपने महकमे में फैले भ्रष्टाचार से निपटें.'' कलमाड़ी ने कहा कि उन्हें इस बात की उम्मीद है कि राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान किए गए खर्च की जांच करने वाली शंगलु समिति अपनी जांच के दायरे में केवल आयोजन समिति के 1,620 करोड़ के बजट की ही नहीं बल्कि दिल्ली सरकार द्वारा खर्च किए गए 16 हज़ार करोड़ रुपए को भी शामिल करेगी.
अपने बचाव में कलमाड़ी ने कहा कि वो खेलों को सफल होने देना चाहते थे इसलिए चुप रहे, लेकिन उनके चुप रहने का मतलब ये नहीं कि वो दोषी हैं. उन्होंने ये विश्वास जताया कि जो भी इस मामले में दोषी पाया जाएगा उसके ख़िलाफ बिना किसी भेदभाव के कार्रवाई की जाएगी.
इसके पहले दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने एक बयान में कहा था कि सुरेश कलमाड़ी की अध्यक्षता में काम कर रही आयोजन समिति शक के दायरे में है.