माराडोना बनाम डूंगा

By Super

पंकज प्रियदर्शी

बीबीसी संवाददाता, दक्षिण अफ़्रीका से

अर्जेंटीना के शानदार प्रदर्शन के बाद दुनियाभर की मीडिया में यह चर्चा शुरू हो गई है कि क्या ये विश्व कप अर्जेंटीना का होगा? क्या अर्जेंटीना की टीम नई ब्राज़ीलियन टीम है, क्या अर्जेंटीना की टीम में माराडोना लेकर आए हैं क्रांति?

इन सभी चर्चाओं के बीच अब ये देखना है कि ख़िताब की तगड़ी दावेदार ब्राज़ील की टीम अगले मैच में कैसा प्रदर्शन करती है. जहाँ उत्तर कोरिया के ख़िलाफ़ मैच में ब्राज़ील का पूरा दम नहीं दिखा, वहीं अर्जेंटीना ने अपने दोनों मैचों में ज़बरदस्त फ़ुटबॉल का प्रदर्शन किया.

मीडिया में टीमों की तुलना के अलावा टीम के कोच की भी तुलना हो रही है. अर्जेंटीना के कोच माराडोना और ब्राज़ील के कोच डूंगा विश्व विजेता टीम का हिस्सा रह चुके हैं.

लेकिन रणनीति के हिसाब से जहाँ माराडोना बाज़ी मारते नज़र आ रहे हैं, वहीं ब्राज़ील समर्थकों का ये कहना है कि इतनी जल्दी डूंगा का आकलन करना जल्दबाज़ी होगी.

इन सबके बीच ब्राज़ील के सांबा और अर्जेंटीना के टैंगो का धमाल ख़ूब देखने को मिल रहा है.

और जैसा कि होना था, मैक्सिको के हाथों मिली हार के बाद फ़्रांसीसी टीम के कोच रेमंड डोमेनेच पर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं. क्या फ़्रांसीसी टीम में सब कुछ ठीक है? क्या खिलाड़ी एकजुट हैं? क्या कोच की रणनीति सही है?....और भी बहुत कुछ.

मैक्सिको ने जिस तरह फ़्रांसीसी टीम का बुरा हाल किया, उससे लग ही नहीं रहा था कि ये वही टीम है, जो 1998 की चैम्पियन है और पिछले विश्व कप के फ़ाइनल तक पहुँची थी.

अपने देश के रंग में रंगे और झंडा लिए फ़्रांसीसी समर्थकों की निराशा भी देखी जा सकती थी. इन सबके बीच एक बार फिर पूर्व स्टार खिलाड़ी ज़िनेदिन ज़िदान ने कोच डोमेनेच की कड़ी आलोचना की है.

ज़िदान का कहना है कि डोमेनेच कोच हैं, इसलिए वो फ़ैसला कर सकते हैं, लेकिन उनका फ़ैसला सही नहीं था. खिलाड़ियों के चयन से लेकर रणनीति तक में डोमेनेच नाकाम रहे.

सबसे निराशा की बात रही कि फ्रांसीसी खिलाड़ी मैक्सिको के गोल पर एक अच्छा शॉट भी नहीं लगा पाए. अब इस विश्व कप में फ़्रांस का रास्ता काफ़ी मुश्किल लगता है.

डेविड बेकम भले ही विश्व कप में नहीं खेल रहे हों, लेकिन दक्षिण अफ़्रीका में उनकी मौजूदगी उनके फ़ैन्स के लिए काफ़ी है. पिछले दिनों नेल्सन मंडेला से मिलने के बाद बारी थी आर्चबिशप डेसमंड टूटू से मुलाक़ात की.

केपटाउन में डेसमंड टूटू के साथ चाय पीने के बाद जैसे ही पास के ऑफ़िस में गए, महिलाओं ने बेकम को घेर लिया.

इंग्लैंड के फ़ुटबॉल स्टार डेविड बेकम का महिलाओं में बहुत क्रेज है.

डेविड बेकम ने यूनिसेफ़ के सदभावना दूत के रूप में भी काम किया है. उन्होंने डेसमंड टूटू शांति केंद्र का भी दौरा किया. बाद में उन्होंने बताया कि डेसमंड टूटू का भी फ़ुटबॉल से बहुत लगाव है.

इस मुलाक़ात के दौरान डेविड बेकम ने विश्व कप में न खेल पाने पर अपनी निराशा भी जाहिर की.

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Story first published: Friday, June 18, 2010, 13:08 [IST]
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