26 नवंबर को मुंबई में हुए चरमपंथी हमले के बाद इंग्लैंड की टीम सात एक दिवसीय मैचों की सिरीज़ बीच में ही छोड़कर वापस लौट गई थी. उस समय तक पाँच मैच हुए थे और भारतीय टीम 5-0 से सिरीज़ पहले ही जीत चुकी थी.
दो वनडे मैच रद्द कर दिए गए. लेकिन टेस्ट सिरीज़ पर भी ख़तरे के बादल मँडरा रहे थे. बाद में इंग्लैंड के सुरक्षा विशेषज्ञों ने चेन्नई और मोहाली का दौरा किया और फिर अपनी रिपोर्ट दी.
इसके बाद ही इंग्लैंड की टीम भारत दौरे पर आने को तैयार हुई. इस बीच भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने टेस्ट मैचों के स्थान में बदलाव कर दिया था.
बोर्ड ने पहला टेस्ट चेन्नई में और दूसरा मोहाली में कराने की घोषणा कर दी थी. मुंबई हमले से पहले ये मैच अहमदाबाद और मुंबई में होने वाले थे.
पहला टेस्ट मैच 11 दिसंबर से चेन्नई में और दूसरा 19 दिसंबर से मोहाली में खेला जाएगा.
कड़ी सुरक्षा
सोमवार शाम को इंग्लैंड की टीम चेन्नई पहुँची. हवाई अड्डे से उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच टीम होटल ले जाया गया है. चेन्नई में क़रीब पाँच हज़ार सुरक्षा गार्ड को इंग्लैंड की टीम की सुरक्षा के लिए तैनात किया गया है.
बीबीसी स्पोर्ट्स के जो विल्सन ने चेन्नई से बताया है सैकड़ों लोग इंग्लैंड की टीम को देखने के लिए हवाई अड्डे के बाहर मौजूद थे.
लेकिन बड़ी संख्या में मौजूद कमांडो जवानों ने उन्हें खिलाड़ियों के नज़दीक नहीं आने दिया. चेन्नई के संयुक्त पुलिस आयुक्त पी बालासुब्रह्मण्यम ने बताया, "हमने होटल में 300 कमांडो को तैनात किया है. एक हज़ार पुलिसकर्मी होटल के आसपास तैनात किए गए हैं."
टेस्ट सिरीज़ के लिए भारत दौरे पर जाने के इंग्लैंड के फ़ैसले की सराहना हो रही है ख़ासकर वरिष्ठ खिलाड़ियों की. लेकिन एंड्रयू फ़्लिंटफ़ का कहना है कि ये फ़ैसला पूरी टीम का है.
इंग्लैंड ने अपनी 15 सदस्यीय टीम में तेज़ गेंदबाज़ अमजद ख़ान को शामिल किया है. अमजद ख़ान ने अभी अपने टेस्ट करियर की शुरुआत नहीं की है. उम्मीद है कि उन्हें इस सिरीज़ में ज़रूर मौक़ा मिलेगा.