नई दिल्ली। एक खिलाड़ी के लिए खेल ही उसका धर्म होता है, जब कोई खिलाड़ी मैदान में होता है तो उसका पहला उद्देश्य होता है की वो अपने खेल के साथ न्याय करे और अपनी टीम को सफलता दिलाए। वैसे ही एक बेहतर खेल प्रशंसक भी वही है जो खिलाड़ी को उसकी प्रतिभा से पहचाने बजाय कि उसके देश और धर्म से यही कारण है कि भारत और पाकिस्तान के रिश्तों में भले ही कितनी खटास क्यों न हो लेकिन इनके खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा के दम पर एक दूसरे के दिल में जगह बनाई है। वर्ष 1994 भला कोई कैसे भूल सकता है जब पाकिस्तान ने भारत को हराकर हॉकी का विश्वकप जीता था। पाक की इस जीत में सबसे बड़ा योगदान था पाक के गोलकीपर मंसूर अहमद का। मंसूर ने अपनी प्रतिभा से लाखों भारतीयों का दिल तोड़ा था लेकिन अभी हाल ही में उन्होंने एक वीडियो के माध्यम से जानकारी दी की वो भारत में अपना हार्ट ट्रांस्प्लांट कराना चाहते हैं।
मंसूर अहमद इन दिनों कराची के जिन्ना पोस्ट ग्रैजुएट मेडिकल सेंटर में इलाज करा रहे हैं, उनके हार्ट में पेसमेकर और स्टेंट संबंधी कुछ समस्या आ गई है। ऐसे में अपने डॉक्टर चौधरी परवेज की सलाह पर वे भारत में अपना इलाज करवाना चाहते हैं और इसीलिए उन्होंने एक भावुक वीडियो के माध्यम से विदेश मंत्री से अपील की कि वो उन्हें मेडिकल वीजा मुहैया करा दें। उनकी इस भावुक अपील के बाद अब फोर्टिस ग्रुप हॉस्पिटल्स ने मंसूर को मुंबई व चेन्नई में मुफ्त इलाज की पेशकश की है, हालांकि मंसूर अहमद ने स्पष्ट किया है की उन्हें किसी भी तरह की आर्थिक सहायता की जरूरत नहीं है। फोर्टिस मुंबई के डायरेक्टर डॉ. एस नारायणी ने मुंबई मिरर को बताया कि फोर्टिस ग्रुप मंसूर को मुंबई और चेन्नई में हार्ट ट्रांसप्लांट के लिए रजिस्टर करेगा। उन्हें सरकार की तरफ से हरी झंडी मिलने का इंतजार है।
मेडिकल वीजा में क्या है अड़चनः भले ही फोर्टिस ग्रुप ने मंसूर के इलाज की बात स्वीकार कर ली हो लेकिन इलाज के लिए मिलने वाले वीजा को लेकर उन्हें लंबा इंतजार करना पड़ सकता है, क्योंकि एक विदेशी नागरिक का हार्ट तभी ट्रांस प्लांट किया जा सकता है जब कोई भारतीय वेटिंग लिस्ट में न हो । गौरतलब हो की भारत में किसी विदेशी नागरिक को हार्ट ट्रांसप्लांट कराने में 4 से 6 महीने का वक्त लग जाता है। हर अस्पताल को किसी विदेशी नागरिक का हार्ट ट्रांसप्लांट करने से पहले य़ह शपथ पत्र देना होता हा की कहीं उसने किसी भारतीय नागरिक की तो अनदेखी नहीं की है। बता दें कि मंसूर अहमद ने पाकिस्तान के लिए 338 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले थे।