नई दिल्ली। दर्शकों से खचाखच भरे कलिंगा स्टेडियम भारतीय टीम ने फिटनेस की समस्या से जूझ रहे जर्मनी को 2-1 से हराकर हॉकी वर्ल्ड लीग फाइनल में कांस्य पदक बरकरार रखा। भारतीय हॉकी टीम ने अपने अच्छे डिफेंस के दम पर रविवार को हॉकी वर्ल्ड लीग फाइनल्स में जर्मनी को रोमांचक मैच में मात दे दी। इसके साथ ही उसने कांस्य पदक अपने नाम कर लिया। कलिंगा स्टेडियम में खेले गए इस मैच में भारत ने जर्मनी को 2-1 से शिकस्त दी।
मैच में गोलकीपर सूरज करकेरा का प्रदर्शन सराहनीय रहा। पहले क्वार्टर में जर्मनी की टीम गोल दागने में नाकाम रही। 14वें मिनट में जर्मनी को पेनल्टी कॉर्नर पर गोल दागने का अवसर मिला था, जिसे असफल करने में भारत कामयाब रहा। दूसरे क्वार्टर में 21वें मिनट में एसवी सुनील ने आकाशदीप से मिले पास को जर्मनी के नेट में पहुंचाया और भारत को 1-0 से बढ़त दी.जर्मनी ने तीसरे क्वार्टर में अच्छा खेल दिखाया। 36वें मिनट में मार्क एपेल ने गोल किया और स्कोर 1-1 से बराबर कर लिया। भारतीय टीम को इस बीच गोल दागने के अवसर मिले थे, लेकिन जर्मनी के गोलकीपर ने भारत को सफलता हासिल नहीं करने दी।
भारतीय टीम को 54वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर हासिल हुआ। हरमनप्रीत ने कोई चूक न करते हुए बॉल सीधे जर्मनी के गोल पोस्ट तक पहुंचाई और 2-1 से जीत भारत की झोली में डाल दी। इस जीत के साथ ही भारतीय टीम ने हॉकी वर्ल्ड लीग फाइनल्स का कांस्य पदक अपने नाम कर लिया।