होंडा के इस फ़ैसले से जेसन बटन और रुबेन बैरिकेलो जैसे ड्राइवरों के सामने अगले सीज़न में फ़ॉर्मूला वन सर्किट में उतरने पर संकट मँडराने लगा है.
फ़ॉर्मूला वन में प्रति वर्ष 30 करोड़ पाउंड से भी ज़्यादा लगाने वाली कंपनी होंडा ने यह भी घोषणा की है कि अब वह फॉर्मूला वन के लिए इंजन भी नहीं बनाएगी.
दूसरी ओर होंडा के अलग होने की घोषणा के बाद उसकी फ़ॉर्मूला वन टीम नए प्रायोजकों की तलाश में जुट गई है. टीम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी निक फ़्राई ने उम्मीद जताई है कि उन्हें नया प्रायोजक मिल जाएगा.
संकट
फ़्राई का कहना है कि तीन जगह से उन्हें प्रस्ताव मिले हैं. लेकिन समस्या ये है कि जनवरी तक टीम को अपना प्रायोजक ढूँढ़ लेना होगा.
फ़ुकुई ने आर्थिक संकट को इस फ़ैसले की वजह बताई
होंडा के इस फ़ैसले के बारे में जानकारी दी कंपनी के प्रेसिडेंट तकेओ फ़ुकुई ने. उन्होंने कहा, "होंडा मोटर कंपनी इस निष्कर्ष पर पहुँची है कि हम फ़ॉर्मूला वन से जुड़ी सभी गतिविधियों से अलग हो रहे हैं. यानी 2008 कंपनी के लिए आख़िरी सीज़न होगा."
उन्होंने बताया कि ये कठिन फ़ैसला अंतरराष्ट्रीय वाहन उद्योग की स्थिति को देखते हुए किया गया है. अब होंडा की फ़ॉर्मूला वन टीम के पास नया प्रायोजक तलाश करने के लिए एक महीने का समय है.
बीबीसी संवाददाता एडम पारसंस का कहना है कि टीम को 10 लाख पाउंड में ख़रीदा जा सकता है लेकिन अगले सीज़न में हिस्सा लेने के लिए नए प्रायोजक को कम से कम चार करोड़ पाउंड लगाने होंगे.
अगर कोई भी ख़रीदार नहीं मिला तो अगले साल सर्किट पर सिर्फ़ 18 कारें ही उतर पाएँगी.