इंचियोन। भारत ने 17वें एशियाई खेलों में अपने अभियान का अंत कबड्डी में अपना दबदबा कायम रखते हुए दो स्वर्ण पदक के साथ किया, जिससे देश प्रतियोगिताओं के समापन से एक दिन पहले पदक तालिका में आठवें स्थान पर पहुंचने में सफल रहा।
कबड्डी के ये दो स्वर्ण पदक भारत के लिए खेलों में अंतिम पदक भी साबित हुए। मौजूदा खेलों में भारत के प्रदर्शन को निराशाजनक माना जाएगा क्योंकि इस बार कुल पदकों की संख्या में गिरावट आई।
महिला टीम ने ईरान के खिलाफ आसान जीत दर्ज की, लेकिन पुरुषों को इसी देश की टीम को हराकर लगातर सातवां स्वर्ण पदक जीतने के लिए काफी पसीना बनाना पड़ा और मैच में अधिकांश समय टीम पिछड़ी रही।
आज के दो स्वर्ण पदक के साथ भारत 11 स्वर्ण, नौ रजत और 37 कांस्य पदक के साथ आठवें स्थान पर है। चीन 149 स्वर्ण, 107 रजत और 81 कांस्य पदक के साथ कुल 337 पदक जीतकर शीर्ष पर चल रहा है।
दक्षिण कोरिया 228 पदक (77 स्वर्ण, 71 रजत और 80 कांस्य) के साथ दूसरे जबकि जापान 194 पदक (46 स्वर्ण, 72 रजत और 76 कांस्य) के साथ तीसरे स्थान पर है।
मौजूदा खेलों में भारत उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाया और ग्वांग्झू में हुए पिछले एशियाई खेलों के 65 पदक (14 स्वर्ण, 17 रजत और 34 कांस्य) की तुलना में उसने कम पदक जीते।
प्रतियोगिता के अंतिम दिन भारत के किसी खिलाड़ी को चुनौती पेश नहीं करनी है और ऐसे में अन्य देशों के खिलाड़ियों के प्रदर्शन के आधार पर पदक तालिका में उसकी स्थिति में बदलाव का सकता है।
हालांकि इन एशियन गेम्स में सरिता देवी का विवाद भी कोई भारतीय नहीं भूलना चाहेगा। वहीं हॉकी में मिला स्वर्ण पदक भी भारतीयों के लिए कई मायनों में काफी खास है।