पृथ्वी शॉ के 370 रन बाउंड्री के रूप में आये, उन्होने कुल मिलाकर 367 मिनट तक बल्लेबाजी की।
बीसीसीआई के आंकड़े संग्रहकर्ता मोहनदास मेनन के अनुसार यह क्रिकेट इतिहास का तीसरा सबसे बड़ा स्कोर है। सर्वाधिक व्यक्तिगत स्कोर का रिकॉर्ड एईजे कॉलिंस के नाम है, कॉलिंस ने 1899 में 628 रनों की पारी खेली थी। उनके अलावा 1901 में सीजे ऐडी ने 566 रनों का स्कोर बनाया था।
पृथ्वी का रिकॉर्ड किसी भी तरह के क्रिकेट में भारत का सर्वाधिक स्कोर है, उनके पहले दादाभाई हावेवाला ने बीबी एंड सीआई रेलवे के लिए सेंट जेवियर कॉलेज बांबे के खिलाफ 1933/34 में 515 रन बनाये थे।
इस रिकॉर्ड पारी के बाद पृथ्वी शॉ ट्विटर पर छा गये। ट्विटर यूजरो के अनुसार वह भारत के अगले सचिन हैं। हैरिस शील्ड ट्रॉफी में ही अरमान जाफर (जो कि भारत के लिए खेल चुके वसीम जाफर के भतीजे हैं) ने 498 रन बनाये थे।