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तीन बार वर्ल्ड ड्राइवर्स चैंपियन का खिताब जीत चुके थे निकी, फिल्म 'रश' बयां करती है उनकी कहानी

नई दिल्ली। जब निकी लौडा के बारे में बात की जाती है, तो दुनिया भर में मोटरस्पोर्ट्स के शौकीनों के दिमाग में आने वाली पहली बात 1976 एफआईए एफ 1 विश्व चैम्पियनशिप है और उस दाैरान ब्रिटिश ड्राइवर जेम्स हंट के साथ उनकी प्रसिद्ध प्रतिद्वंद्विता है। इस चैंपियनशिप में हंट ने अपना पहला और एकमात्र विश्व खिताब जीता था, जहां उन्होंने ऑस्ट्रियाई लाैडा को सिर्फ एक अंक से हराया था। हंट के साथ लाैडा की रेस पर बनी रॉन हॉवर्ड की 2013 की फिल्म 'रश' भी काफी पाॅपुलर रही थी। लाैडा एक विश्व स्तर के फॉर्मूला एफ1 रेसर थे। उन्होंने 1975, 1977, 1984 में एफ वर्ल्ड ड्राइवर्स चैंपिंयन का खिताब जीता था। वहीं एक बार वो ऑस्ट्रियान फॉर्मूला वन ड्राइवर भी रह चुके हैं। 1976 मे उनके साथ बड़ा हादसा हुआ था। जिसके बाद उन्होंने जबरदस्त वापसी की। उन्होंने अपने जीवनकाल में कुल 171 रेस में हिस्सा लिया था। जिसमें से 25 में उन्होंने जीत दर्ज की थी।

रश फिल्म 123 मिनट की है जिसमें जर्मन-स्पैनिश अभिनेता डैनियल ब्रुहल ने लुडा की भूमिका निभाई, जबकि ऑस्ट्रेलियाई क्रिस्टोफर हेम्सवर्थ ने हंट की भूमिका निभाई। हालांकि फिल्म की कुछ घटनाएं बहुत अधिक अतिरंजित दिखती हैं, 1976 की विश्व चैम्पियनशिप की गहन लड़ाई, जो जर्मनी में दुर्घटना से शुरू होकर सीजन की अंतिम दौड़ तक अच्छी तरह से सुनाई गई है। फिल्म में बताया गया है कि कैसे लाैडा जेम्स हंट के साथ कड़े मुकाबले के बीच दुर्घटना का शिकार हुए और उनका एक तरफ का कुछ चेहरा जल गया। इसके बावजूद भी लाैडा ने हार नहीं मानी और जल्द ही ट्रैक पर वापसी कर ली। वापसी के बाद लाैडा ने 1977, 1984 में एफ वर्ल्ड ड्राइवर्स चैंपिंयन का खिताब जीतकर इतिहास रचा, फिर 1985 में फॉमूर्ला-1 को अलविदा कह दिया।

फिल्म बॉक्स ऑफिस पर हिट रही और 2013 के टोरंटो अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में प्रदर्शित की गई। फिल्म देखने के बाद, लाैडा ने खुद कहा था कि काश जेम्स हंट रश को देख सकता था। बता दें कि लाैडा ने खुद का एयरलाइंस का बिजनेस शुरू किया था। इसके साथ ही वो एफ1 मैनेजमेंट में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी की भूमिका में भी कार्यरत रहे थे। 2012 से वो मर्सिडीज के नॉन एग्जेक्युटिव चेयरमैन थे और उन्होंने लुईस हैमिल्टन को टीम में लाने में सफलता हासिल की थी। इन्फ्लूएंजा के कारण 10 दिन अस्पताल में बिताए थे। लोडा के परिवार ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि सोमवार की रात को उन्होंने अंतिम सांस ली। आठ महीने पहले ही निकी लोडा के गुर्दे का प्रत्यर्पण कराया गया था।

Story first published: Tuesday, May 21, 2019, 13:09 [IST]
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