दिल्ली (विवेक शुक्ला)। साइना नेहवाल के पदम पुरस्कार की बेशर्मी से मांग करने के बाद केन्द्रीय खेल मंत्रालय सतर्क हो गया लगता है। सूत्रों ने बताया कि अब सरकार वक्त रहते ही सुनिश्तित कर लेगी ताकि खेलों के क्षेत्रों में दिए जाने वाले पदम पुरस्कार पर कोई विवाद खड़ा ना हो। पदम पुरस्कार के लिए कुश्ती खिलाड़ी सुशील कुमार का नाम नामित होने के बाद नेहवाल ने काफी बवाल किया था।
खेल प्रोत्साहन पुरस्कार
इसके साथ ही अब वह राष्ट्रीय खेल प्रोत्साहन पुरस्कार योजना को दोबारा शुरू करने जा रहा है। इसके तहत उन संस्थानों, कारपोरेट घरानों, खेल प्रोत्साहन बोर्डों आदि को देश में खेल के विकास के लिए पुरस्कृत करेगा।
शुरू हुए थे 2009 में
याद रहे इन पुरस्कारों को 2009 में शुरू किया गया था। अब इस योजना के तहत निम्नलिखित चार वर्गों में राष्ट्रीय खेल प्रोत्साहन पुरस्कार दिये जायेंगे- उदीयमान/युवा प्रतिभाओं की पहचान एवं प्रशिक्षण,
कारपोरेट सामाजिक दायित्व के जरिये खेलों को प्रोत्साहन,खिलाडि़यों को रोजगार और खेल कल्याण उपाय, विकास के लिए खेल।
योग्यता तय हुई
एक सरकारी अफसर ने बताया कि उक्तचारों वर्गों की योग्यता निर्धारित कर दी गईहै। इसके तहत कंपनी अधिनियम 2013 की अनुसूची 8 में ग्रामीण खेलों, राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त खेलों, पैरालिम्पिक खेलों और ओलंपिक खेलों में प्रशिक्षण और प्रोत्साहन को शामिल किया गया है।
जानकारी के मुताबिक कंपनियां अब कारपोरेट सामाजिक दायित्व के तहत निधियों को खेलों के प्रोत्साहन और विकास पर खर्च कर सकती हैं। योजना के तहत एक विशेष वर्ग 'कारपोरेट सामाजिक दायित्व के जरिये खेलों के प्रोत्साहन' को भी शामिल किया गया है।
ध्यान रहे कि गैर सरकारी संगठन भी खेलों के विकास और प्रोत्साहन के लिए बहुत काम कर रहे हैं, इसलिए इन संगठनों के प्रयासों को प्रोत्साहन देने के लिए एक विशेष वर्ग 'विकास के लिए खेल' शुरू किया गया है।