नई दिल्ली। वर्ष 2012 में लंदन ओलंपिक के दौरान सिल्वर मेडल जीतने वाले पहलवान सुशील कुमार ने उस समय देश से रियो ओलंपिक में सोना जीतने का वादा किया था। सुशील सपने को पूरा करने और देश को एक गोल्ड मेडल जीतवाने के सपन को सफल बनाने के लिए पिछले चार वर्ष से कड़ी मेहनत कर रहे थे। लेकिन उनका यह सपना टूट गया है। सुशील का नाम ओलंपिक के लिए भेजी गई संभावितों की लिस्ट में कहीं है ही नहीं।
भारतीय ओलंपिक संघ यानी आईओए की ओर से इस बात की पुष्टि की गई है कि अगस्त में ब्राजील के शहर रियो में आयोजित हो रहे ओलंपिक खेलों के लिए उसके पास जो लिस्ट आई है उसमें सुशील का नाम नहीं है।
32 वर्षीय सुशील 74 किलो वजन कैटगरी में होने वाली स्पर्धा में देश का प्रतिनिधित्व करते हैं। इस बार इस कैटेगरी में नरसिंह यादव को जगह मिल गई है। भारत इस कैटेगरी में सिर्फ एक ही प्रतियोगी को भेज सकता है। नरसिंह यादव पहले ही अमेरिका के लास वेगास में एक टूर्नामेंट जीत ओलंपिक के लिए अपना नाम पक्का कर चुके हैं।
वहीं इस खबर के बार पहलवान सुशील कुमार ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। सुशील ने कहा है कि ओलंपिक में कोई भी जाए उन्हें इससे मतलब नहीं है। लेकिन उन्हें नरसिंह यादव के साथ एक ट्रायल का चांस दिया जाना चाहिए। वहीं नरसिंह यादव ने ट्रायल से साफ इंकार कर दिया है। ऐसे में अब इस बात की संभावना काफी कम हो गई है कि सुशील रियो में नजर आ पाएंगे।