For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS  
For Daily Alerts

भारत की पहली महिला रग्बी टीम

By Staff

ये टीम थाईलैंड में 30 मई से शुरु हो रही एशियाई महिला रग्बी स्पर्धा में भारत का प्रतिनिधित्व करेगी.

भारत के रग्बी संगठन के उपाध्यक्ष आगा हुसैन ने कहा,"आज से 11 साल पहले 1998 में भारत की पहली पुरुष रग्बी टीम ने अंतरराष्ट्रीय स्पर्धा में हिस्सा लिया था. और अब महिला टीम का बनना हमारे लिए काफी मायने रखता है."

उड़ीसा की 20 साल की कबड्डी खिलाड़ी संगीता मिंज़ मुस्कुराते हुए बताती हैं, "एक महीना पहले ही उन्होने रग्बी का पहला मैच खेला है. और इतनी जल्दी टीम में चुन लिए जाने से वो काफी खुश हैं."

ज़रूरत हौसले की.

भारत के अलावा चीन, सिंगापुर, ईरान, कंबोडिया और मलेशिया सहित 13 अन्य टीमें भाग लेंगी.

भरुचा कहती हैं कि रग्बी दौड़ते हुए कुस्ती खेलने जैसा है

हुसैन का कहना है, "हमारे खिलाड़ी हर जगह से हैं. जम्मू-कश्मीर और केरल जैसे दूर के राज्यों के खिलाड़ी भी हमारी टीम में हैं. उनके मुताबिक स्पर्धा के बाद टीम में और विस्तार होगा, जिससे अगले साल और खिलाड़ी स्पर्धा में भाग ले सकेंगे."

टीम की कप्तान अवनी सबादे महाराष्ट्र के पुणे से हैं, जहाँ बहुत से स्कूलों में रग्बी खेला जाता है.

अवनी कहती हैं, " मैं चार-पाँच सालों से रग्बी खेल रही हूँ, पर मेरी टीम में से कुछ ने सिर्फ़ एक- दो साल ही खेला है. पर हम अपना सर्वश्रेष्ठ देकर जीतने की पूरी कोशिश करेंगे."

क्षमता

संगीता और जशोबानी प्रधान दो ही टीम में ऐसी खिलाड़ी हैं जो कि पुणे की नही हैं.

हमारे खिलाड़ी हर जगह से हैं. जम्मू-कश्मीर और केरल जैसे दूर के राज्यों के खिलाड़ी भी हमारी टीम में हैं. उनके मुताबिक स्पर्धा के बाद टीम में और विस्तार होगा, जिससे अगले साल और खिलाड़ी स्पर्धा में भाग ले सकेंगे आगा हुसैन

हमारे खिलाड़ी हर जगह से हैं. जम्मू-कश्मीर और केरल जैसे दूर के राज्यों के खिलाड़ी भी हमारी टीम में हैं. उनके मुताबिक स्पर्धा के बाद टीम में और विस्तार होगा, जिससे अगले साल और खिलाड़ी स्पर्धा में भाग ले सकेंगे

संगीता कहती हैं कि उनका परिवार भुवनेश्वर से काफी दूर रहता है और रग्बी के बारे में कुछ भी नहीं जानता.

कई खिलाड़ियों को ऱग्बी खेलने का अनुभव थोड़ा है पर उन्होने बॉक्सिंग, कुस्ती और कबड्डी जैसे खेलों में राज्य स्तर पर अपने स्कूलों का प्रतिनिधित्व किया है और दूसरे खेलों से ज़रूरी क्षमता हासिल की है.

वाहबिज भरूचा हैंडबॉल और कुस्ती की खिलाड़ी रही हैं. उनके मुताबिक रग्बी दौड़ते हुए कुस्ती खेलने जैसा है.

भारत में लड़कियों के लिए रग्बी खेलना नया है, ये पूछने पर वाहबिज के पिता कहते हैं, "केवल खेलों के ज़रिए ही कोई अनुशासन में रहना और दूसरों का ध्यान रखना सीख सकता है. हमारे पूरे परिवार को उस पर गर्व है. वो एक महेनती लड़की है."

टीम के कोच उसाया फिज़ी से हैं. उनका कहना है कि टीम के प्रदर्शन का स्तर विभिन्न स्पर्धाओं में भाग लेने से बढ़ेगा.

Story first published: Tuesday, November 14, 2017, 12:22 [IST]
Other articles published on Nov 14, 2017
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+