नई दिल्ली। भारत में जिस तरह से क्रिकेट के अलावा अन्य खेलों के लिए संसाधनों की कमी है वह खिलाड़ियों के लिए काफी निराशा की वजह है। दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में ती ऐसे खिलाड़ी जो ओलंपिक में क्वालिफाई कर सकते थे वह सिर्फ इसलिए क्वालिफाई नहीं कर सके क्योंकि स्टेडियम में बिजली की आवाजाही बड़ी समस्या बन गयी।
सर्बाननी नंदा 100 मीटर, मोहम्मद अनस 400 मीटर, अमीय कुमार मलिक 100 मीटर में यह खिलाड़ी अपना रिकॉर्ड बिजली की वजह से इलेक्ट्रानिक मीटर पर दर्ज नहीं करा सकें। यह खिलाड़ीं रियो ओलंपिक में जाने के लिए अपना पसीना बहा रहे हैं। लेकिन रविवार को जिस तरह से सुबह बिजली की समस्या हुई उसके चलते खिलाड़ियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
यहां गौर करने वाली बात यह है कि मैदान में पॉवर बैकअप की सुविधा उपलब्ध थी बावजूद इसके उसका उपयोग करने के आयोजको ने बिजली आने का इंतजार किया। लेकिन बिजली दोबारा नहीं आयी और खिलाड़ियों को अंधेरे में स्टॉप वाच पर समय दर्ज किया गया। आईएएएफ के नियमों के अनुसार खिलाड़ियों का समय इलेक्ट्रानिकली दर्ज होना चाहिए। ओलंपिक में क्वालिफाई करने के लिए भी इलेक्ट्रानिकली दर्ज होना अनिवार्य है।
मलिक ने पुरुष की 100 मीटर की दौड़ को 10.09 सेकंड में पूरा किया जबकि उनका पुराना रिकॉर्ड 10.30 सेकंड था। ऐसे में इस रिकॉर्ड के जरिए वह 10.16 सेकंड में ओलंपिक में मेडल जीत सकते हैं। लेकिन बिजली की वजह से उनका रिकॉर्ड आधिकारिक नहीं माना चाएगा।
वहीं नंदा ने महिलाओं की 100 मीटर दौड़ में 11.23 संकंड में अपने ही रिकॉर्ड 11.38 को तोड़ दिया है। जबकि अनस ने 400 मीटर की दौड़ को 45.48 सेकंड के अपने रिकॉर्ड को तोड़ते हुए 45.41 सेकंड में पूरा किया। ऐसे में वह महज 0.1 सेकंड से ओलंपिक में क्वालिफाई करने से चूके हैं।