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क्‍या गोल्‍ड मैडल पर लगेगा गगन नारंग का निशाना?

By Ajay Mohan
नयी दिल्ली (भाषा)। पिछले दो ओलंपिक में पदक पर निशाना लगाने में असफल रहे भारतीय शूटर गगन नारंग का लंदन में सीधा निशाना स्‍वर्ण पदक पर होगा। खैर यह तो वक्‍त बतायेगा कि उनका निशाना लगता है या चूकता है, लेकिन उनका आत्‍मविश्‍वास पहले से ज्‍यादा ऊपर है।

नारंग तीसरी बार ओलंपिक में प्रदर्शन करने जा रहे हैं। बीजिंग ओलंपिक में वे एक अंक से फाइनल में जगह बनाने से चूक गये थे। हालांकि उसके बाद नारंग ने आईएसएसएफ विश्व कप, विश्व चैम्पियनशिप, राष्ट्रमंडल खेलों और एशियाई खेलों में ढेरों पदक जीते। यही नहीं 2008 में विश्व रिकार्ड भी बनाया।

नारंग ने मीडिया से कहा, "उम्मीद करता हूं कि मैं तीसरे प्रयास में भाग्यशाली रहूंगा। पदक के प्रबल दावेदार हैदराबाद के इस निशानेबाज ने कहा, एक खिलाड़ी का सर्वोच्च लक्ष्य जीतना होता है और मैं इसके लिए प्रतिबद्ध हूं और इसके लिए चाहे मुझे कुछ भी करना पड़े।" नारंग अपने पसंदीदा 10 मीटर एयर राइफल में 30 जुलाई को बीजिंग खेलों के स्वर्ण पदक विजेता अभिनव बिंद्रा के साथ उतरेंगे। नारंग 10 मीटर के अलावा 50 मीटर राइफल प्रोन (तीन अगस्त) और 50 मीटर राइफल थ्री पोजीशन (छह अगस्त) में भी भारत की ओर से चुनौती पेश करेंगे जिससे उनके पास रायल आर्टिलेरी बैरक में होने वाली प्रतियोगिता में पदक जीतने का अच्छा मौका है।

पिछले कुछ वर्षों की फार्म को देखते हुए नारंग के पास पदक जीतने का अच्छा मौका है जबकि पिछले दो ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व करने के अनुभव ने उनसे उम्मीद और अपेक्षाएं बढ़ा दी हैं। उन्होंने कहा, "ओलंपिक में हिस्सा लेना सभी का सपना होता है। हमें पता है कि हमारे सामने क्या चुनौती है। हमने लंबा रास्ता तय किया है। दो बार पहले ही देश का प्रतिनिधत्व करने के बाद मुझे पता है कि मैं बेहतर नियंत्रण में हूं।"

नारंग ने हालांकि कहा कि ओलंपिक में पदक जीतने के विचार को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा, "पूरी दुनिया की नजरें अब इन खेलों पर टिकी हैं। इसलिए इस समय जीतना हीरो की तरह है। यह अलग तरह का अहसास है जिसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।"

घुटने की चोट के कारण नारंग ने पिछले साल सिर्फ एक विश्व कप में हिस्सा लिया था लेकिन वह इससे पहले ही अपने प्रदर्शन से अमिट छाप छोड़ चुके थे। बीजिंग में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद नारंग ने बैंकाक में विश्व कप फाइनल्स के दौरान 703.5 का नया विश्व रिकार्ड बनाया जिसके क्वालीफिकेशन के दौरान बनाया गया 600 में से 600 का परफेक्ट स्कोर भी शामिल है।

नारंग 2010 राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान अपनी फार्म के शीर्ष पर थे और उन्होंने इसमें चार स्वर्ण पदक जीते। उन्हौंने ग्वांग्झू एशियाई खेलों में भी दो रजत पदक जीते। अंतरराष्ट्रीय निशानेबाजी खेल महासंघ अगर राष्ट्रमंडल खेलों के स्कोर को मान्यता देता तो नारंग का 703.6 का स्कोर उनका दूसरा विश्व रिकार्ड होता। नारंग को इसके बाद देश के सर्वोच्च खेल सम्मान राजीव गांधी खेल रत्न से भी सम्मानित किया गया।

Story first published: Tuesday, November 14, 2017, 13:00 [IST]
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