नयी दिल्ली (ब्यूरो)। क्या लंदन ओलंपिक में बॉक्सिंग के मुकाबले पहले से फिक्स थे? क्या बॉक्सिंग में दो गोल्ड मेडल लेने के लिये 78 करोड़ रुपये खर्च किये गये? ये कुछ इस सवाल है जिसपर लंदन सहित पूरे देश में भयंकर कोहराम मचा हुआ है। बीबीसी कर रिपोर्ट की मानें तो बॉक्सिंग के कुछ फैसलों पर शंका जताई गई है। खासकर अजरबैजान और जापान के मैच फिक्स होने की बात कही गई है। मालूम हो कि बैडमिंटन के मुकाबले में भी आठ खिलाड़ियों पर जानबूझकर हारने के आरोप लगे थे। इन खिलाड़ियों को बाद में टूर्नामेंट से बाहर कर दिया गया था।
रिपोर्ट की मानें तो ओलंपिक के बॉक्सिंग के कई मुकाबलों में विवादित फैसले सामने आये। इनमें कुछ ऐसे मुकाबले भारत के भी थे जिसके स्कोरिंग में गड़बड़ी की शिकायत भारतीय अधिकारियों ने की। उसके बाद अब यह खबर आ रही है कि बॉक्सिंग के कुछ मैच पहले से फिक्स थे। बीबीसी की पड़ताल में पता चला है कि अजरबैजान ने दो गोल्ड मेडल के बदले इंटरनेशनल बॉक्सिंग के अधिकारियों को नौ मिलियन पाउंड यानी करीब 78 करोड़ रुपए की रकम दी थी।
सबसे पहले ये सवाल तब खड़ा हुआ जब अजरबैजान के साथ जापान के मुकाबले में अजरबैजान के खिलाड़ी को जीता हुआ घोषित कर दिया गया। हालांकि इंटरनेशनल बॉक्सिंग अथॉरिटी ने ऐसे किसी तरह के गलत काम से इनकार किया है। इंटरनेशनल ओलिंपिक कमेटी को भी मेडल के बदले कैश' लिए जाने के आरोप से जुड़े सबूत नहीं मिले हैं। आपको बताते चलें कि बेलारूस के मुक्केबाज सियारे के खिलाफ भी मागोमेद की जीत विवादास्पद रही। तीसरे राउंड में मागोमेद ने फाउल किया। इसके बावजूद उसका कोई अंक काटा नहीं गया। मागोमेद को मामूली अंतर से विजेता घोषित किया गया था। दर्शक और कमेंटेटर ने भी मागोमेद की जीत पर हैरानी जताई थी।