मुकाबले के पहले राउण्ड में निकोला एडम्स ने 3-1 का स्कोर किया और दूसरे राउण्ड में 5-2 की बढ़त बनायी, और अगले राउण्ड में 8-4 का लाभ लिया और मैच को 11 - 6 अपने पक्ष में कर लिया।
भारत को मैरी से स्वर्ण पदक की उम्मीद थी क्योंकि वह पांच बार की विश्व चैम्पियन रह चुकी हैं, लेकिन वह ऐसा करने में कामयाब नहीं हो सकीं। उनकी कोशिशों से उनके प्रशंसक ज़रूर खुश हुए है। इस मुकाबले के पहले पूरे देश ने उनके जीतने के लिए दुआएं की थी। 29 वर्ष की मैरी कॉम विश्व चैम्पियनशिप में भी निकोला एडम्स से नहीं जीत सकी थी और यहां भी निकोला से वह पार न पा सकीं।
मैरी कॉम भारत की ओलंपिक में पदक जीतने वाली तीसरी महिला है। उनके अलावा सायना नेहवाल ने बैडमिंटन में लंदन ओलंपिक में ही कांस्य पदक जीता था। जबकि कर्णम मल्लेश्वरी ने सिडनी ओलंपिक में भारोत्तोलन में कांस्य पदक हासिल किया था। यह पहली बार है जबकि किसी महिला मुक्केबाज़ ने भारत के लिए ओलंपिक में पदक जीता है।
मैच शुरू होने से पहले मैरी ने ट्वीट किया था कि वह अब पूरी तरह से मुकाबले के लिए तैयार हैं और जीतने की पूरी कोशिश करेंगी, जय हिन्द।
भारत के तेज़ गेंदबाज़ ज़हीर खान ने भी ट्वीट के जरिये कहा कि वो भी लाइव मैच देखेंगे और मैरी को शुभकामनायें भी दी।