सिब्बल ने अपना बयान उस घटना के संदर्भ में दिया जिसमें स्पॉट फिक्सिंग में राजस्थान रॉयल्स टीम के खिलाडि़यों को दोषी पाया गया है। आईपीएल में हुई स्पॉट फिक्सिंग की घटना ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा है। इसका एक कारण्ा यह भी है कि आईपीएल में भारत के बिजनेस मैन और राजनेताओं का पैसा लगा हुआ है ऐसे में इसमें फिक्सिंग होने पर यह चर्चा का केंद्र बन गया है।
हालांकि इसके पहले भी सरकार ने बीसीसीआई को सूचना के अधिकार कानून के अंतर्गत लाने की बात की थी जिसका बोर्ड ने विरोध किया था। ऐसी आशंका जताई जाती है कि आईपीएल में बड़े पैमाने पर काले धन का निवेश किया जा रहा है। आईपीएल टीमों से बोर्ड को कितनी कमाई होती है, टीम फ्रेंचाइजी का खर्च कितना है, प्रत्येक फ्रेंचाइजी कितना कमाती, इन सब बातों को सरकार से छिपाया गया है। बीसीसीआई अध्यक्ष एन श्रीनिवासन ने भी कहा था कि हम कोई सरकारी संस्था नहीं हैं जो कि आरटीआई के अन्तर्गत आयें।
स्पॉट फिक्सिंग के कारण पिछले रविवार को बीसीसीआई की आपात बैठक बुलाई गयी थी, लेकिन इसमें कुछ भी खास निकलकर नहीं आया। पहले यह आशंका जताई जा रही थी कि फिक्सिंग में शामिल खिलाडि़यों पर लाइफटाइम बैन लगाया जा सकता है पर ऐसा नहीं हुआ।