नई दिल्ली। सुशील कुमार के विवाद ने जिस तरह से भारतीय कुश्ती को गलत वजहों से सुर्खियों में लाया है। इस पूरे मुद्दे पर सुशील कुमार के कोच और ससुर सतपाल सिंह ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। सतपाल सिंह ने कहा कि मेरे लिए देश पहले आता है, लोग उसके बाद आते हैं।
उन्होंने कहा कि नरसिंह यादव ने 74 किलोग्राम वर्ग में 2015 में विश्व चैपियनशिप को लॉस वेगस में जीतने के बाद अपनी सीट पक्की कर ली है। यहां उन्होंने कांस्य पदक जीता था। अगर उस समय कुश्ती संघ ने इस बात की घोषणा कर दी होती कि सिर्फ कोटा के तहत जीतने वाले खिलाड़ी को रियो ओलंपिक का टिकट दिया जाएगा तो इस विवाद से बचा जा सकता था। यही नहीं सुशील कुमार ने जो इतनी ट्रेनिंग की उसे भी टाला जा सकता था। सतपाल सिंह ने 1982 में एशिय़न गेम्स में स्वर्ण पदक जीता था।
सतपाल सिंह ने कहा कि सुशील कुमार पर बहुत से पैसे खर्च किये गये हैं। उन्होंने कहा कि नरसिंह के खिलाफ मेरे मन में कुछ नहीं है, वह मेरे शिष्य के जैसा है। लेकिन सकारात्मक होता कि दोनों के बीच ट्रायल होता और जो भी बेहतर होता वह रियो जाता।
सतपाल सिंह ने कहा कि मैं यह नहीं कह रहा हूं कि सुशील कुमार को दरवाजे के पीछे रियो ओलंपिक भेजा जाए बल्कि उसे ट्रायल का मौका देना चाहिए था। उन्होंने कहा कि कई बार सुशील कुमार ने नरसिंह को घरेलू मैचों में हराया है। हालांकि मैं वह साल याद नहीं कर पा रहा हूं। लेकिन 7-8 साल पहले सुशील ने नरसिंह को हराया था।