जमशेदपुर. 26 फरवरी .वार्ता. राष्ट्रीय फुटबाल टीम के कोच बाब हाटन का कहना है कि भारतीय फुटबालरों का छोटा कद अतंरराष्ट्रीय स्तर पर उनकी कामयाबी की राह में सबसे बडा रोडा है
हाटन ने यहां संवाददाताओं से कहा औसतन भारतीय फुटबालर विदेशी खिलाडियों की तुलना में कम से कम आठ सेंटीमीटर छोटे हैं1 टीम के विश्व कप के लिए क्वालिफाई नहीं कर पाने और भारतीय फुटबालरों की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नाकामी के लिए खिलाडियों का छोटा कद सबसे बडी वजह है
उन्होंने कहा ..हालांकि भारतीय टीम में बाइचुंग भूटिया और महेश गवली जैसे प्रतिभावान खिलाडी हैं लेकिन छोटा कद उनकी राह में एकमात्र रोडा है1 अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनने और विश्व कप जैसी प्रतिष्ठित स्पर्धाओं में क्वालिफाई करने के लिए टीम में लंबे खिलाडी होने चाहिए1.. हाटन ने कहा कि टीम में कम से कम 20 प्रतिशत खिलाडी 180 से 182 सेंटीमीटर कद के होने चाहिए1 उन्होंने कहा कि अन्य एशियाई देशों जैसे जापान. सऊदी अरब और दक्षिण कोरिया की फुटबाल टीमों में भी अधिकांश खिलाडी 180 सेंटीमीटर लंबे हैं1 उन्होंने कहा कि भारत में प्रशिक्षण के लिए अच्छी सुविधा और प्रतिभाशाली खिलाडियों की भरमार के बावजूद खिलाडियों की कद काठी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय फुटबालरों की नाकामी की सबसे बडी वजह है
फुटबाल कोच ने सलाह दी कि देश भर में फुटबाल अकादमियों को ऊंचे कद वाले नए खिलाडियों को तरजीह देनी चाहिए1 उन्हें वैज्ञानिक तरीकों से प्रशिक्षित करके अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं में भाग लेने के लिए तैयार किया जाना चाहिए ताकि भारत भविष्य में विश्व कप के लिए क्वालिफाई कर सके
प्रकाश पाथिव लखमी1549वार्ता1540