टोक्यो: रेसलिंग में भारत के लिए गोल्ड की बड़ी उम्मीद धराशाई हो गई है। बजरंग पुनिया को सेमीफाइनल मुकाबले में हार मिली है। बजरंग ने आसमान की ऊंचाई सरीखी उम्मीदें थी, यहां भारतीय रेसलर को 5-12 से हार का सामना करना पड़ा। अब बजरंग 7 अगस्त को कांस्य पदक के लिए मुकाबला करेंगे। ये ठीक वही स्थिति है जो 86 किग्रा वर्ग में दीपक पुनिया की थी। रेपचेज राउंड का विजेता बजरंग से ब्रॉन्ज के लिए भिड़ंत करेगा।
कुश्ती में भारत के पदक की सबसे बड़ी उम्मीद बजरंग पुनिया सेमीफाइनल में अजरबैजान के हाजी अलीयेव से भिड़े। 65 किग्रा फ्रीस्टाइल के अंतिम चार मुकाबले में बजरंग दौड़ते हुए अखाड़े में उतरे और शुरू के एक मिनट तक दोनों ने कोई दांव नहीं चला।
अगले मिनट में अलीयेव ने अटैक की कोशिश की लेकिन बजरंग का डिफेंस बढ़िया था और एक मिनट फिर ऐसे ही निकल गया। इसके बाद बजरंग ने एक अंक लिया लेकिन वे उसी पल 2 अंक गंवा भी बैठे। अब तक अलीयेव का अटैक बढ़ चुका है और उन्होंने पहले के अंदाज में फिर से और 2 अंक बटोर लिए। अलीयेव चपलता से बजरंग के पैरों पर झपट्टा मारते और उनको कुछ सफलता भी मिली। इस राउंड में बजरंग 1-4 से पीछे हो गए।
दूसरा राउंड में बजरंग अपने अटैक में फंसे और उनको फिर से 2 अंक गंवाने पड़े। मामला यहीं पर नहीं रुका क्योंकि बजरंग को अलीयेव ने अपनी पकड़ में रखते हुए और 2 अंक ले लिए और यह मैच भारतीय स्टार के हाथ से निकलता दिखने लगा। आने वाले क्षणों में दोनों के हाथ 1-1 अंक लगा।
अंतिम मिनट में बजरंग ने 2 अंक जुटाए लेकिन मैच हाथ से फिसल रहा था। उन्होंने अंत में फिर से 2 अंक विपक्षी को दे दिए। इसके साथ ही भारत की गोल्ड की उम्मीद यहीं खत्म हो गई।
टोक्यो ओलंपिक में बजरंग का अभियान आज (6 अगस्त) बहुत खास नहीं रहा, उन्होंने 1/8 में किर्गिस्तान के एर्नाजर अकमातालिव से तकनीकी आधार पर जीत दर्ज की, जबकि अंकों के आधार पर यह मैच 3-3 से बराबर रहा। लेकिन दूसरे मुकाबले में बजरंग ने लय पकड़ ली
पुरुष फ्रीस्टाइल 65 किग्रा क्वार्टर फाइनल में बजरंग पुनिया का सामना ईरान के मुर्तजा घियासी चेका से हुआ, जिनको पिन करके उन्होंने सेमीफाइनल में जगह बनाई।
इससे पहले आज भारत ने रेसलिंग में तब निराशा का सामना किया जब 50kg कैटेगरी में महिला पहलवान सीमा बिस्ला पहले ही राउंड में बाहर हो गईं।
जहां तक ओलंपिक में भारत के ओवरऑल ओलंपिक अभियान की बात है तो एक सिल्वर मेडल रवि कुमार दहिया के नाम हो चुका है, उन्होंने 5 अगस्त को यह जीता था लेकिन विनेश फोगाट जैसे बड़े नाम जल्द ही बाहर हो गए।
अब अगर बजरंग को कल जीत मिलती है तो यह रेसलिंग में भारत का दूसरा पदक होगा, इसके साथ ही मेडल की संख्या लंदन 2012 गेम्स के रिकॉर्ड को छू जाएगी। भारत ने लंदन में अब तक के सर्वाधिक 6 ओलंपिक मेडल जीते हैं। हालांकि गोल्ड के लिए हमको फिर निराशा का सामना करना पड़ा है, देखना होगा 7 अगस्त को भाला फेंक फाइनल में नीरज चोपड़ा का प्रदर्शन कैसा रहता है।