7 भारतीय खिलाड़ी जो Tokyo Olympic 2020 में लहरा सकते हैं तिरंगा, भारत के लिए जीत सकते हैं गोल्ड

Tokyo Olympics

नई दिल्ली। 2020 टोक्यो ओलंपिक की तैयारी के रूप में देखे जाने वाले यूथ ओलंपिक खेलों में कई युवा खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया और दुनिया को अपनी ओर आकर्षित किया। अंतर्राष्ट्रीय खेलों में भारत के प्रदर्शन में लगातार सुधार हुआ है, जिसके चलते अगले साल होने वाले टोक्यो ओलिम्पिक में भारत के शानदार प्रदर्शन की उम्मीदों को काफी बल मिल रहा है। ब्राजील में 2018 में हुए आयोजित यूथ ओलंपिक खेलो में कई खिलाड़ियों ने अपनी चमक से दुनिया को हैरान कर दिया, इनमें भारत के निशानेबाज मनु भाकर और सौरभ चौधरी भी शामिल हैं, जिन्होंने ब्यूनस आयर्स में महिलाओं एवं पुरुषों के 10 मीटर एयर पिस्टल खेलों में सोना जीता था। ये खिलाड़ी युवा हैं, प्रतिभाशाली हैं और लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। इन खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन से इस हद तक प्रभावित किया है कि इस बार ओलंपिक में पूरी उम्मीद है कि भारत के गोल्ड मेडल्स की संख्या में इजाफा होने वाला है।

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आइये एक नजर डालते हुए उन भारतीय खिलाड़ियों पर जो इस बार ओलंपिक में भारत के लिए न सिर्फ पदक बल्कि स्वर्ण पदक ला सकते हैं।

सौरभ चौधरी (Saurabh Chaudhary)

सौरभ चौधरी (Saurabh Chaudhary)

यूथ ओलंपिक 2018 में भारत के लिए गोल्ड जीतने वाले 17 साल के सौरभ चौधरी निशानेबाजी में अपने प्रदर्शन के चलते भारत को टोक्यो ओलिम्पिक में गोल्ड मेडल जिता सकते हैं। हाल ही में संपन्न हुए तीसरे अंतर्राष्ट्रीय निशानेबाजी महासंघ (आईएसएसएफ) विश्व कप में सौरभ चौधरी ने मनु भाकेर के साथ मिलकर 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीता था। सौरभ चौधरी ने 2018 एशियन गेम्स की निशानेबाजी की 10 मी॰ एयर पिस्टल स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता था। इससे पहले सौरभ चौधरी ने जर्मनी के सुहल में आईएसएसएफ जूनियर विश्व कप में विश्व रिकॉर्ड बनाते हुए गोल्ड मेडल जीता था। इसके बाद उन्होंने 245।5 के स्कोर के साथ अपना खुद का विश्व रिकॉर्ड तोड़ दिया था। कोरिया के चांगवन में संपन्न हुए 2018 विश्व चैम्पियनशिप में जूनियर मेन 10 मीटर एयर पिस्तौल में भी उन्होंने गोल्ड मेडल जीता।

हिमा दास (Hima Das)

हिमा दास (Hima Das)

भारत की स्टार एथलिट हिमा दास ने हाल ही में यूरोप दौरे पर शानदार प्रदर्शन करते हुए 18 दिनों के अदंर 5 गोल्ड जीतने का कारनामा किया। हिमा दास ने IAAF वर्ल्ड अंडर-20 एथलेटिक्स चैम्पियनशिप की 400 मीटर दौड़ में भारत के लिए गोल्ड मेडल जीता और ऐसा करने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बनीं। हालांकि पीठ में चोट के चलते वह विश्व एथलेटिक्स चैम्पियनशिप का हिस्सा नहीं बन पाई। हिमा दास ने पहला गोल्ड मेडल 2 जुलाई को 'पोज़नान एथलेटिक्स ग्रांड प्रिक्स' में 200 मीटर रेस में जीता था। इस रेस को उन्होंने 23.65 सेकंड में पूरा कर गोल्ड जीता था। 7 जुलाई 2019 को पोलैंड में 'कुटनो एथलेटिक्स मीट' के दौरान 200 मीटर रेस को हिमा ने 23.97 सेकंड में पूरा करके दूसरा गोल्ड मेडल हासिल किया। वहीं 13 जुलाई 2019 को हिमा ने चेक रिपब्लिक में हुई 'क्लांदो मेमोरियल एथलेटिक्स' में महिलाओं की 200 मीटर रेस को 23.43 सेकेंड में पूरा कर फिर से तीसरा गोल्ड मेडल हासिल किया था।

19 साल की हिमा ने बुधवार 17 जुलाई 2019 को चेक रिपब्लिक में आयोजित 'ताबोर एथलेटिक्स मीट' के दौरान महिलाओं की 200 मीटर रेस को 23.25 सेकेंड में पूरा कर फिर से चौथा गोल्ड मेडल हासिल किया। इस दौरान हिमा अपने रिकॉर्ड (23.10 सेकंड) के बेहद करीब पहुंच गई थी लेकिन वो इसे तोड़ नहीं पाईं। हिमा ने चेक गणराज्य में ही शनिवार 20 जुलाई 2019 में 400 मीटर की स्पर्धा दौड़ में 52.09 सेकेंड के समय में जीत हासिल की। हिमा का जुलाई महीने 2019 में मात्र 19 दिनों के भीतर प्राप्त किया गया यह 5वां स्वर्ण पदक है।

मनिका बत्रा (Manika Batra)

मनिका बत्रा (Manika Batra)

भारत की नंबर एक महिला टेबल टेनिस खिलाड़ी मनिका बत्रा ने साल 2018 में ऑस्ट्रेलिया को गोल्ड कोस्ट में संपन्न हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में सिंगापुर को हराकर महिला टीम स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीता था। इससे पहले इन्हीं खेलों में मनिका बत्रा ने सिंगापुर की यू मेंगयु को हराकर पहली बार भारत के लिये टेबल टेनिस की महिला एकल स्पर्धा का भारत को स्वर्ण पदक जीता था। मनिका बत्रा ने 2016 दक्षिण एशियाई खेलों की महिला युगल स्पर्धा में पूजा सहस्रबुद्धे के, मिश्रित युगल स्पर्धा में एंथोनी अमलराज के साथ तथा महिला टीम स्पर्धा में मौमा दास व शामिनी कुमारेसन के साथ तीन स्वर्ण पदक अपने नाम किये। हाल ही में मनिका बत्रा को इंटरनेशनल टेबल टेनिस फेडरेशन (आईटीटीएफ) की ओर से दिए जाने वाले ब्रेकथ्रू टेबल टेनिस अवार्ड से नवाजा गया। अर्जुन पुरस्कार पाने वाली मनिका बत्रा ने इंडोनेशिया के जकार्ता में हुए एशियाड में अंचत शरत कमल के साथ मिक्स्ड डबल्स का कांस्य पदक जीता था।

मनु भाकर (Manu Bhaker)

मनु भाकर (Manu Bhaker)

मनु भाकर भारतीय निशानेबाजी में वह उभरती हुई खिलाड़ी हैं जिन्होंने महज 16 साल की उम्र में विश्व कप, एशियन कप, एशियन चैम्पियनशिप, राष्ट्रीय चैम्पियनशिप सहित कई जूनियर टूर्नामेंटस में अब तक 38 स्वर्ण पदक हासिल किए हैं। हाल ही में संपन्न हुए तीसरे अंतर्राष्ट्रीय निशानेबाजी महासंघ (आईएसएसएफ) विश्व कप में महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में चौथा स्थान हासिल कर टोक्यो ओलंपिक का कोटा हासिल किया। इससे पहले मनु भाकर ने इस साल फरवरी में सौरभ चौधरी के साथ मिलकर आईएसएसएफ विश्व कप के 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीता था। देश को पूरी उम्मीद है कि वह अपना कमाल जारी रखेंगी और ओलिम्पिक खेलों में भारत के लिए पदक हासिल करेंगी।

नीरज चोपड़ा (Neeraj Chopra)

नीरज चोपड़ा (Neeraj Chopra)

अंजू बॉबी जॉर्ज के बाद भारत को फील्ड एथलीट भाला फेंक प्रतिस्पर्धा में किसी विश्व चैम्पियनशिप स्तर पर गोल्ड मेडल जिताने वाले नीरज चोपड़ा दूसरे खिलाड़ी हैं। पोलैंड में संपन्न हुए 2016 आइएएएफ U20 विश्व चैंपियनशिप में नीरज चोपड़ा ने विश्व जूनियर रिकॉर्ड बनाते हुए गोल्ड मेडल जीता था। 2016 के दक्षिण एशियाई खेलों में उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय रिकॉर्ड की बराबरी करते हुए 82.23 मीटर तक भाला फेंक कर स्वर्ण पदक जीता था। हालांकि वह समर ओलिम्पिक्स में जगह बना पाने में नाकाम रहे। नीरज चोपड़ा ने 2017 एशियाई एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में 85.23 मीटर का भाला फेंककर स्वर्ण पदक जीता था जबकि ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में सम्पन्न हुए 2018 राष्ट्रमण्डल खेलों में उन्होंने 86.47 मीटर भाला फेंककर स्पर्धा का स्वर्ण पदक अपने नाम किया। भारत को उनसे टोक्यो ओलिम्पिक में भी उनसे गोल्ड मेडल लाने की उम्मीद है।

विनेश फोगाट (Vinesh phogat)

विनेश फोगाट (Vinesh phogat)

विनेश फोगाट महिला कुश्ती में 2014 राष्ट्रमण्डल खेल की स्वर्ण पदक विजेता हैं। इन्होंने 2014 एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीता। इन्होंने 2016 समर ओलिम्पिक गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व किया था, हालांकि चोटिल हो जाने के कारण उन्हें मुकाबला बीच में ही छोड़कर बाहर होना पड़ा। इसके बाद उन्होंने जबरदस्त वापसी की और हाल ही में संपन्न हुए यासारा डोगू रैंकिंग सीरीज में 53 किलोग्राम भारवर्ग में स्वर्ण पदक अपने नाम किया है।

मीराबाई चानु (Mirabai Chanu)

मीराबाई चानु (Mirabai Chanu)

कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के लिए पहली बार गोल्ड मेडल जीतने वाले मीराबाई चानु इस बार ओलिम्पिक में भी भारत के लिए पदक का सूखा खत्म कर सकती हैं। मीराबाई चानू ने ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में राष्ट्रमंडल खेलों में 48 किलोवर्ग के वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता था। चानू ने 196 किग्रा, जिसमे 86 kg स्नैच में तथा 110 किग्रा क्लीन एण्ड जर्क में था, का वजन उठाकर भारत को 2018 राष्ट्रमण्डल खेलों का पहला स्वर्ण पदक दिलाया। इसके साथ ही उन्होंने 48 किग्रा श्रेणी का राष्ट्रमण्डल खेलों का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया। वह 2014 से नियमित रूप से 48 किग्रा श्रेणी की अन्तरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग ले रहीं हैं। चानू ने विश्व चैम्पियनशिप तथा राष्ट्रमण्डल खेलों में पदक जीते हैं। उन्हें खेल के क्षेत्र में योगदान के लिये भारत सरकार से पद्म श्री पुरस्कार मिल चुका है।

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Story first published: Wednesday, October 16, 2019, 16:21 [IST]
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