
टूटने से बचा सुशील का रिकाॅर्ड
रवि दहिया ने परचम लहराकर इस वक्त मर्डर केस में जेल में बैठे सुशील कुमार के रिकाॅर्ड की बराबरी कर ली है। 2012 लंदन ओलंपिक में सुशील कुमार ने भी सिल्वर मेडल जीता था। उनसे पहले कोई भी पहलवान सिल्वर नहीं जीत पाया था, लेकिन अब ओलंपिक 2020 में रवि ने सिल्वर मेडल जीतकर नया करिश्मा कर दिखाया है। यह भारत का टोक्यो ओलंपिक में दूसरा सिल्वर मेडल भी रहा है। मीराबाई चानू ने वेटलिफ्टिंग में सिल्वर अपने नाम किया था।

ऐसा रहा मुकाबला
रवि दहिया भले ही मैच हार गए, लेकिन उन्होंने अपने प्रदर्शन से सबका दिल जीत लिया है। रवि का यह पहला ओलंपिक था, ऐसे में उनके सामने अनुभवी पहलवान जावुर थे। लेकिन रवि ने जावुर को आसानी से मैच जीतने नहीं दिया है। जावुर ने यह मैच 7-4 से जीता लेकिन एक समय ऐसा भी लगा कि रवि बाजी मार गए। हालांकि आखिरी 1 मिनट ने जावुर ने रवि को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया। रवि ने कई बार अंक बनाने के माैके बनाए, लेकिन जावुर का अनुभव काम आया। पहले तीन मिनट में जावुर ने दमदार खेल दिखाया। उन्होंने 4 की बढ़त बना ली थी, लेकिन रवि ने 2 अंक जुटाकर वापसी की। रूसी पहलवान उनके खेल के तरीके का पूरी तरह होमवर्क करके आया था। ऐसे में उसने फिर रवि को दो अंक ही लेने दिए। खुद 3 अंक लेकर 7-4 की बढ़त बना ली जिसे अंत तक कायम रखा।

ऐसा रवि का टोक्यो में सफर
रवि ने प्री-क्वार्टर फाइनल में विपक्षी कोलंबिया के ऑस्कर एडुआर्डो टाइग्रेरोसको उरबानो को दूसरे ही राउंड में 13-2 से पटखनी देते हुए अपने पहले ओलंपिक की शुरूआत की थी। प्री-क्वार्टर में पहला राउंड3-2 से रवि ने अपने नाम किया, लेकिन दूसरे राउंड में वो छा गए। उन्होंने लगातार अंक बटोरते हुए अपनी बढ़त का अंतर 10 से ज्यादा कर दिया आैर मैच जीतकर क्वार्टर फाइनल में पहुंच गए। यहां रवि ने ल्गारिया के वैलेंटाइनोव जॉर्जी वांगेलोव को 14-4 से हराया। पहले राउंड में वैलेंटाइनोव को 6-2 से पटखनी दी, जबकि दूसरे राउंड में विरोधी ने 2 अंक लिए तो रवि ने 12 अंक लेकर 14-4 से मैच खत्म कर सेमीफाइनल में प्रवेश किया।
फिर सेमीफाइनल में रवि ने कजाकिस्तान के नूरीस्लाम सनायेव को हराते हुए फाइनल में जगह बनाई थी। इस मुकाबले में रवि एक समय आठ अंक से पीछे चल रहे थे, उसके बाद रवि ने वापसी करते हुए लकड़बग्घा दांव लगाया और कजाकिस्तान के पहलवान को चित कर दिया।


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