WTC Final 2023: भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 7 जून से लंदन के द ओवल मैदान पर वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल मुकाबला खेला जाएगा। इसके बाद टीम इंडिया अक्टूबर-नवंबर में एकदिवसीय विश्व कप की मेजबानी करेगी। ऐसे में टीम इंडिया के सामने इतिहास रचने के लिए दो बड़े अवसर है। भारत ने अंतिम बार 2011 में वर्ल्ड कप जीता था। इस बीच भारत के दिग्गज सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने 2007 विश्व कप को याद करते हुए बड़ी प्रतिक्रिया दी है।
दरअसल, भारत को 2007 विश्व कप ट्रॉफी उठाने के लिए शीर्ष दावेदारों में से एक माना जाता था और उनके पास टीम में अनुभवी खिलाड़ी भी थे। 2007 में खेलने वाले कई खिलाड़ी 2003 में टीम का हिस्सा थे और उनके पास बड़े स्तर का अनुभव था। लेकिन टीम इंडिया लीग स्टेज में ही असफल साबित हुई। तीन मैचों में से केवल एक जीत ही हासिल कर पाए। टूर्नामेंट में भारत के भूलने वाले प्रदर्शन को याद करते हुए वीरेंद्र सहवाग ने बात की और कहा कि उनके पास तब सबसे अच्छी टीम थी।
उन्होंने कहा कि, 2007 में हमारे पास जो टीम थी वह दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीम थी। हमारे पास कागज पर कभी भी एक मजबूत टीम नहीं थी, हमने 2003 और 2011 में फाइनल खेला था लेकिन हमारे पास वो नाम नहीं थे। जिस चीज ने सबसे ज्यादा चोट पहुंचाई वह यह थी कि हमने तीन मैच खेले और केवल एक बार जीत हासिल की, वह भी बरमूडा के खिलाफ, और हम बाहर हो गए।'
उन्होने कहा कि 2007 में वेस्टइंडीज में भारत के विश्व कप से बाहर होने के बाद वह 2 दिनों तक अपने होटल के कमरे से बाहर नहीं निकले। सहवाग ने कहा कि टीम इंडिया को टिकट मिलने में देरी के कारण सभी खिलाड़ियों और सहायक कर्मचारियों के सदस्यों को त्रिनिदाद और टोबैगो में दो दिनों तक रहना पड़ा था।
वीरेंद्र सहवाग ने कहा कि 2007 के विश्व कप में जल्दी बाहर होने से खिलाड़ियों को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ, भारत के पास वेस्टइंडीज में टूर्नामेंट के लिए उनकी सर्वश्रेष्ठ एकदिवसीय टीमों में से एक थी। 2007 विश्व कप टीम भी 2003 और 2011 में भारत की टीम से बेहतर थी। सहवाग ने आगे कहा कि उन्होंने खुद को अपने होटल के कमरे में बंद कर लिया और 2 दिनों तक किसी और को नहीं देखा, खुद को अपने होटल के कमरे के टेलीविजन में सीरीज जेल ब्रेक देखने तक सीमित रखा।
सहवाग ने गौरव कपूर को उनके YouTube शो ब्रेकफास्ट विद चैंपियंस पर बताया कि, '2007 के विश्व कप ने अधिक चोट पहुंचाई। क्योंकि 2007 में हमारी टीम दुनिया की सबसे अच्छी टीम थी। 2003 में हम फाइनल मुकाबला हार गए, 2011 विश्व कप में हम फाइनल मैच जीत गए, लेकिन हमारे पास इतने खिलाड़ी नाम कभी नहीं थे।
सहवाग ने 2011 के विश्व कप में सफलता का श्रेय पूर्व मुख्य कोच गैरी कर्स्टन को दिया। उन्होंने कहा कि, '2011 के विश्व कप में हर कोई हमें विश्व कप जीतने के लिए कह रहा था, होटल में वेटर से लेकर हवाई अड्डे पर लोगों तक इतनी उम्मीदें थीं और दबाव भी। इस जीत का श्रेय गैरी कर्स्टन को जाता है।'
साल 2011 में सहवाग एमएस धोनी के नेतृत्व वाली टीम का हिस्सा थे, जिसने विश्व कप जीता था। उन्होंने धोनी के नेतृत्व में 2007 T20 विश्व कप भी खेला, जिसे भारत ने जीता। 2011 के आईसीसी आयोजन के बाद सहवाग को ज्यादा मौके नहीं मिले।