BBC Hindi

जब खिलाड़ियों को इनाम में मिला घी, गाय और अनाज

इनाम

किसी खिलाड़ी की जीत के पीछे उसके देश के लोगों की उम्मीदें और खुशियां भी जुड़ी होती हैं. इन्हीं खुशियों को ज़ाहिर करने के लिए विजेता खिलाड़ियों को इनाम भी दिए जाते हैं.

पिछले हफ्ते गुवाहाटी में संपन्न हुई वुमेन यूथ वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप में हरियाणा की 6 महिलाओं ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पदक जीते.

इन बॉक्सिंग चैंपियनों को हरियाणा सरकार की तरफ से नकद राशि के अलावा और कई पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है. इनामों की इस सूची में अब एक नया नाम जुड़ा है- 'गाय' का.

हरियाणा सरकार के पशुपालन मंत्री ओम प्रकाश धंकड़ ने इन युवा महिला बॉक्सरों को इनाम स्वरूप एक-एक गाय देने की घोषणा की है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़ ओम प्रकाश धंकड़ ने यह घोषणा रोहतक में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान की.

इससे पहले भी ऐसे कई मौके आए हैं जब खिलाड़ियों को अजीबो-गरीब चीज़ें इनाम के तौर पर दी गई हैं.

इनाम में 101 किलो घी

स्वर्ण पदक जीतने पर दिया 101 किलो घी

साल 2010 के राष्ट्रमंडल खेल दिल्ली में आयोजित किए गए थे. इन खेलों में हरियाणा के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया था.

उस समय हरियाणा दिवस के मौके पर राज्य सरकार की तरफ से स्वर्ण पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को 101 किलो देसी घी, रजत पदक विजेताओं 51 किलो देसी घी और कांस्य पदक विजेताओं 21 किलो देसी घी दिया गया था.

इतना ही नहीं इन खिलाड़ियों को महंगी कार और आधुनिक मोबाइल फोन भी इनाम में दिए गए थे.

सुशील कुमार ने इनाम में दी भैंस

भारत के लिए ओलिंपिक खेलों में दो बार पदक जीत चुके पहलवान सुशील कुमार ने डैफलिंपिक में सफलता हासिल करने वाले दो पहलवानों को सम्‍मानित किया था.

तुर्की में आयोजित डैफलंपिक खेलों में भारत के वीरेंद्र ने स्वर्ण पदक जबकि अजय ने कांस्य पदक अपने नाम किया था.

इन दोनों पहलवानों के सम्मानित करते हुए सुशील कुमार ने वीरेंद्र को एक भैंस, 50 किलो बादाम और एक कनस्तर देसी घी जबकि अजय को स्कूटी और बादाम-घी इनाम में दिए गए.

सुशील कुमार

फ़ेडरर को विंबलडन जीतने पर मिली गाय

स्विटजरलैंड के महान टेनिस खिलाड़ी रोजर फ़ेडरर अभी तक 19 ग्रैंड स्लेम ख़िताब अपने नाम कर चुके हैं. साल 2003 में उन्होंने अपना पहला विंबलडन ख़िताब जीता था.

इस ख़िताब को जीतने के बाद स्विस ओपन के आयोजनकर्ताओं ने उन्हें भेंट स्वरूप एक गाय दी थी. इस गाय का नाम जूलियट रखा गया था, जिसका वज़न लगभग 800 किलो था.

इसी तरह साल 2013 में जब फेडरर स्विस ओपन दोबारा खेलने आए तो टूर्नामेंट के आयोजनकर्ताओं ने एक बार फिर उन्हें एक गाय भेंट की. इस गाय का नाम डिज़ाइरी रखा गया. बाद में फ़ेडरर ने ट्वीट कर इसकी जानकारी भी साझा की.

इनाम में मिला मुफ़्त अनाज, हवाई यात्रा और ज़मीन

भारतीय क्रिकेट टीम ने कपिल देव की अगुवाई में 1983 क्रिकेट विश्व कप अपने नाम किया था. भारत में क्रिकेट को जो लोकप्रियता आज प्राप्त हुई है यह इसी जीत का नतीजा है.

1983 विश्व कप जीत के बाद खिलाड़ियों को जीवन भर मुफ्त अनाज देने का वायदा किया गया. इस जीत के पूरे 27 साल बाद भारतीय टीम ने महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में 2011 का क्रिकेट विश्व कप अपने नाम किया.

धोनी

विजेता खिलाड़ियों को इनाम के रूप में रेलवे की एसी प्रथम श्रेणी में आजीवन मुफ्त यात्रा की सुविधा देने की घोषणा की गई. साथ ही एक प्राइवेट विमान कंपनी ने टीम के सभी 15 खिलाड़ियों को आजीवन मुफ्त घरेलू और अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्रा का वादा किया.

वहीं टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को झारखंड राज्य ने ज़मीन मुहैया करवाई जिसमें वे एक क्रिकेट एकेडमी शुरू कर सकें.

BBC Hindi
Story first published: Friday, December 1, 2017, 18:36 [IST]
Other articles published on Dec 1, 2017

MyKhel से प्राप्त करें ब्रेकिंग न्यूज अलर्ट

We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Mykhel sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Mykhel website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more