मैच जीताने का श्रेय इंग्लैंड की उपकप्तान निकी शॉ को गया जिन्होंने 34 रन देकर चार विकेट लिए और 17 रन बनाकर नाबाद रहीं. प्लेयर ऑफ़ द मैच रही निकी को दरअसल मैच में खेलना ही नहीं था लेकिन ऑलराउंडर जेनी गन के घायल होने के कारण निकी को आख़िरी मौके पर टीम में लिया गया.
इंग्लैंड ने तीसरी बार महिला विश्व कप जीता है लेकिन ये पहली बार है जब उसने विदेश में जाकर विश्व कप में जीत हासिल की है.
महिला विश्व कप विजेता टीम इंग्लैंड उपविजेता न्यूज़ीलैंड तीसरा स्थान- भारत प्लेयर ऑफ़ द टूर्नामेंट- क्लेयर टेलर (303 रन)
न्यूज़ीलैंड ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए कुल 166 रन बनाए. उसकी शुरुआत ही खराब रही.
निकी शॉ ने 12वें ओवर में लगातार दो विकेट लेकर न्यूज़ीलैंड को परेशानी में डाल दिया. न्यूज़ीलैंड एक समय पर छह विकेट गंवाकर 96 रन पर था.
प्लेयर ऑफ़ द मैच
निकी ने फ़ाइनल में चार विकेट लिए
आठवें विकेट के लिए जब लूसी डूलन (48 रन) और निकोला ब्राउन के बीच 62 रनों की साझेदारी चल रही थी तो एक बार फिर इंग्लैंड की निकी शॉ ने अपना कमाल दिखाया और इंग्लैंड की ओर से अपना चौथा विकेट लिया. न्यूज़ीलैंड की पूरी टीम 166 रन बनाकर आउट हो गई.
इंग्लैंड की शुरुआत अच्छी रही. सारा टेलर और कैरोलीन एटकिंस के बीच अच्छी साझेदारी हुई. पहला विकेट सारा टेलर (39) के रूप में 74 के कुल स्कोर पर गिरा. फिर विश्व की नंबर एक महिला बल्लेबाज़ क्लेयर टेलर क्रीज़ पर आईं लेकिन 21 रन पर ही आउट हो गईं.
अंत में इंग्लैंड को मैच जीतने के लिए 15 रन चाहिए थे और उसके हाथ में चार विकेट थे लेकिन क्रीज़ पर टिकी निकी शॉ ने संयम से काम लिया और कुछ अच्छे शॉट लगाकर इंग्लैंड को जीत दिलाई.
इस जीत के बाद इंग्लैंड महिला क्रिकेट में नंबर एक टीम बन जाएगी.
भारत विश्व कप में तीसरे स्थान पर रहा है. तीसरे स्थान के लिए हुए मैच में भारत की महिला क्रिकेट टीम ने ऑस्ट्रेलिया को तीन विकेट से हराया था.