वकील आफताब गुल ने यह भी दावा किया है कि उनके पास ऐसे भी सबूत हैं, जिनके आधार पर वह यह साबित कर सकते हैं कि खिलाड़ी सचमुच मैच फिक्सिंग में शामिल रहे हैं।
गुल ने कहा कि स्पॉट फिक्सिंग और क्रिकेट का बड़ा पुराना नाता है। गुल के मुताबिक ऐसा इसलिए है क्योंकि स्पॉप फिक्सिंग करना मैच फिक्सिंग की तुलना में बेहद आसान है।
गुल ने वेबसाइट 'स्काई स्पोर्ट्स' से कहा, "विश्व क्रिकेट में भ्रष्टाचार का बोलबाला है। मैं तो कुछ ऐसे नाम गिना सकता हूं, जो पूरी तरह भ्रष्टाचार की दलदल में फंसे हुए हैं। मेरे दावे आपके रोंगटे खड़े कर सकते हैं।"
गुल सलमान बट्ट के वकील हैं, जिन्हें अगस्त में इंग्लैंड के साथ खेली गई टेस्ट श्रृंखला के दौरान अपने दो अन्य साथियों के साथ स्पॉट फिक्सिंग के आरोप में निलम्बित किया जा चुका है।
बट्ट के अलावा मोहम्मद आसिफ और मोहम्मद आमेर को आईसीसी ने निलंबन के खिलाफ अपील करने की छूट दी थी लेकिन उसने हाल ही में बट्ट और आमेर की अपील को ठुकरा दिया। आसिफ ने अपील नहीं की थी।
इस सम्बंध में तीनों खिलाड़ियों को फिर से अपनी बात आईसीसी के सामने रखने के लिए कहा गया है। गुल इसी काम में बट्ट की मदद कर रहे हैं। आईसीसी 6-11 जनवरी तक दोहा में इस मामले की सुनवाई करेगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।