हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला के पुत्र अभय चौटाला ने कहा, "साई की स्थापना देश में खेल के विकास और खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने के लिए की गई थी लेकिन साई अपने मकसद से भटक गया है। यह हमारे देश के लिए सफेद हाथी की तरह है, जिस पर बिना किसी नीति के पैसा बहाया जा रहा है।"
चौटाला मानते हैं कि राष्ट्रमंडल खेलों में अच्छा प्रदर्शन करने के बाद हम अपने खिलाड़ियों से एशियाई खेलों में भी बेहतरीन प्रदर्शन की उम्मीद कर रहे थे लेकिन राजनीतिक पार्टियों के कारण ऐसा नहीं हो सका।
चौटाला ने कहा, "हमें उम्मीद थी कि हम एशियाई खेलों में पांचवां स्थान हासिल करेंगे लेकिन राजनीतिक पार्टियों ने खिलाड़ियों को तैयारी का मौका नहीं दिया। हमारे खिलाड़ियों का अधिकांश समय सम्मान समारोहों में ही बीत गया। इसी कारण अधिकांश प्रशिक्षण केंद्रो पर काम देरी से शुरू हुआ।"
चौटाला ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की भी आलोचना की। उनके मुताबिक बीसीसीआई का चीन में क्रिकेट टीम नहीं भेजना सर्वथा गलत फैसला था।
चौटाला ने कहा, "क्रिकेट बोर्ड के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। यही नहीं, लिएंडर पेस और महेश भूपति जैसे वरिष्ठ टेनिस खिलाड़ियों के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए। अगर क्रिकेट टीम चीन गई होती और पेस तथा भूपति खेले होते तो हमारे पदकों की संख्या बढ़ जाती। इससे तालिका में हमारी स्थिति भी सुधर सकती थी।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।