यह श्रृंखला पूरी तरह एकतरफा साबित हुई है। मेहमान टीम भारतीय खिलाड़ियों के सामने पूरी तरह बेबस नजर आई। ऐसा तब हुआ है जब भारतीय टीम अपनी पूरी ताकत के साथ मैदान में नहीं उतरी है।
भारतीय कप्तान गौतम गम्भीर ने कहा है कि 4-0 से बढ़त बनाने के बावजूद वह संतुष्ट नहीं हैं और अब उनका ध्यान इस श्रृंखला में कीवी टीम का सफाया करना है।
गम्भीर की टीम ऐसा करने में सफल रही तो यह ऐतिहासिक बात होगी क्योंकि इससे पहले किसी भारतीय कप्तान ने कीवियों का सफाया नहीं किया है।
दूसरी ओर, मेहमान टीम के सामने अंतिम मैच जीतने और अपनी साख पर लगे दाग को एक सिरे तक धोने का काफी दबाव है। बीते चार मैचों के प्रदर्शन को देखते हुए यह कहना बहुत मुश्किल है कि कीवी टीम इस मैच में वाकई कुछ उलटफेर कर पाएगी।
कीवी गेंदबाजों ने तीन मैचों में कुल आठ विकेट लिए हैं। इसमें से पांच विकेट बेंगलुरू में चटकाए गए थे, जब भारत ने 316 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए जीत हासिल की थी।
इस श्रृंखला में भारतीय बल्लेबाजी जितनी ताकतवर ढंग से उभरी है, मेहमान टीम की गेंदबाजी उतनी ही कमजोर प्रतीत हुई है। भारत ने इस श्रृंखला में महेंद्र सिंह धौनी, वीरेंद्र सहवाग और सचिन तेंदुलकर जैसे अपने तीन प्रमुख बल्लेबाजों को मौका नहीं दिया। अगर ये तीनों खिलाड़ी खेल रहे होते तो न जाने कीवी टीम का क्या हश्र होता।
इस श्रृंखला में खराब प्रदर्शन ने कीवी कप्तान डेनियल विटोरी को कठघरे में लाकर खड़ा कर दिया है। ऐसे में जबकि भारतीय उपमहाद्वीप में विश्व कप खेला जाना है, विटोरी को अपनी सफाई में बहुत कुछ कहना होगा क्योंकि इस श्रृंखला को विश्व कप के लिहाज से अपनी क्षमताओं को आंकने का सुनहरा अवसर माना जा रहा था।
कीवी टीम ने अपनी आखिरी एकदिवसीय श्रृंखला बांग्लादेश के साथ खेली थी। पांच मैचों की उस श्रृंखला में उसे 0-4 से हार मिली थी। एक मैच बारिश के कारण धुल गया था। अब उसे भारत के हाथों इसी अंतर से हार मिल चुकी है। ऐसे में विटोरी कम से कम एक मैच जीतकर यह साबित करने का प्रयास करेंगे कि उनकी टीम पूरी तरह चुकी नहीं है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।