तीरंदाजी की व्यक्तिगत स्पर्धा में तरुणदीप राय ने रजत जीता जबकि सुरंजय सिंह, एमसी. मेरीकॉम, परमजीत समोता और कविता गोयत ने मुक्केबाजी की पुरुष एवं महिला स्पर्धा में कांस्य पदक हासिल किया। इसके अलावा भारत की महिला एवं पुरुष स्क्वॉश टीमों ने भी एक-एक कांस्य पदक हासिल किया।
भारत की महिला हॉकी टीम के पास भी कांस्य जीतने का मौका था लेकिन वह इस मौके को भुना नहीं सकी और जापान के हाथों हार गई। कबड्डी में भारतीय टीमों ने सेमीफाइनल में जगह बना ली है जबकि एथलेटिक्स में भी भारत को अलग-अलग स्पर्धाओं में खुशी मिली है। निशानेबाजी की स्कीट स्पर्धा के साथ-साथ कुश्ती में भारत को निराशा हाथ लगी। पहलवान कांस्य जीतने के दो मौकों पर पटखनी खा गए।
तरुणदीप ने व्यक्तिगत वर्ग में रजत पदक हासिल किया। वह फाइनल में दक्षिण कोरिया के वूजिन किम के हाथों 7-3 से हार गए। इस तरह भारत अपना आठवां स्वर्ण जीतने से चूक गया।
तरुणदीप ने सेमीफाइनल में चीनी ताइपे के खिलाड़ी चुन चिया सुंग को 7-3 से पराजित किया। भारत के एक अन्य तीरंदाज राहुल बनर्जी क्वार्टर फाइनल में हारकर खिताबी दौड़ से बाहर हो गए।
मुक्केबाज दिनेश, संतोष और विकास फाइनल में पहुंच गए हैं। 81 किलोग्राम वर्ग के सेमीफाइनल मुकाबले में दिनेश ने नेपाल के मुक्केबाज दीपक महराजन को 7-1 के अंतर से पराजित किया।
विकास ने 60 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में पहुंचकर देश के लिए इस स्पर्धा में पहला रजत पदक पक्का किया था। विकास ने उज्बेकिस्तान के मुक्केबाज हुर्शीद तोजीबेव को 7-0 से पराजित किया। इसके अलावा संतोष ने 64 किलोग्राम वर्ग में थाईलैंड के वातिचाई मासुक को 5-1 से पराजित किया।
महिला मुक्केबाज मेरीकॉम हालांकि 48-51 किलोग्राम वर्ग के सेमीफाइनल मुकाबले में हार गईं। मेरीकॉम को सेमीफाइनल में पहुंचने के बदले कांस्य पदक प्राप्त हुआ। चार बार की विश्व चैम्पियन मेरीकॉम को चीन की चानचान रेन ने 11-7 से पराजित किया।
इससे पहले, सुपर हेवीवेट वर्ग में भारत के मुक्केबाज परमजीत समोता अंतिम-चार दौर में हार गए। समोता को भी कांस्य पदक प्राप्त हुआ। समोता को चीन के झेलई झांग ने 15-3 के भारी अंतर से पराजित किया। रेफरी ने समोता को लगी चोट को देखते हुए मुकाबला तीसरे दौर के अंतिम चरण में रोक दिया। समोता ने राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण जीता था।
52 किलोग्राम वर्ग में भी भारत को निराश मिली। दिग्गज मुक्केबाज सुरंजय सिंह सेमीफाइनल में हार गए। सुरंजय को चीन के योंग चांग ने 6-5 से पराजित किया। इस हार के बावजूद सुरंजय कांस्य जीतने में सफल रहे।
महिला वर्ग में कविता गोयत 69-75 किलोग्राम वर्ग के सेमीफाइनल में हार गईं। कविता को चीन की जिनजी ली ने 5-1 से पराजित किया। इस हार के बावजूद कविता को कांस्य पदक प्राप्त हुआ है।
स्क्वॉश में महिलाओं के बाद पुरुषों ने कांस्य पदक जीता। महिला टीम की तरह पुरुष टीम भी बुधवार को अपना सेमीफाइनल मुकाबला हार गई। पुरुषों को पाकिस्तान ने 2-0 से हराया जबकि महिलाओं को इसी अंतर से मलेशिया के खिलाफ हार मिली।
भारत के पहलवान रामवीर फ्रीस्टाइल कुश्ती के 84 किलोग्राम वर्ग में कांस्य पदक जीतने से चूक गए। सेमीफाइनल मुकाबले में दक्षिण कोरिया के जियासुंग ली के हाथों 1-3 से हारने वाले रामवीर कांस्य पदक के लिए हुए मुकाबले में मंगोलिया के पहलवान उसुखबातार पुरवी से 1-3 के अंतर से हार गए।
भारत के एक अन्य पहलवान प्रदीप कुमार फ्रीस्टाइल के 66 किलोग्राम वर्ग में कांस्य पदक के लिए हुए मुकाबले में हार गए। प्रदीप को उत्तर कोरिया के पहलवान युन सोंग यांग ने 3-1 से पराजित किया।
महिला हॉकी में बुधवार को तीसरे स्थान के लिए खेले गए मुकाबले में जापान ने भारत को 1-0 से पराजित किया। महिला टीम ने दोहा एशियाई खेलों में कांस्य पदक हासिल किया था।
मैच का फैसला अतिरिक्त समय में हुआ। जापान ने 78वें मिनट में केइको मानाबे द्वारा किए गए गोल्डन गोल की मदद से जीत हासिल की। पुरुष वर्ग में भारतीय टीम मंगलवार को सेमीफाइनल में मलेशिया के हाथों हार गई थी। अब उसे कांस्य पदक के लिए दक्षिण कोरिया से भिड़ना है।
भारत की पुरुष कबड्डी टीम ने अपनी जीत का सिलसिला जारी रखते हुए ग्रुप-ए के अपने मुकाबले में बुधवार को दक्षिण कोरिया को हरा दिया। पुरुष टीम ने दक्षिण कोरिया को 37-19 के बड़े अंतर से पराजित किया। पहले मुकाबले में पुरुष टीम ने ईरान को बड़े अंतर से हराया था।
इसी दिन महिला टीम ने भी दक्षिण कोरिया को हराया। भारतीय टीम ने यह मैच 47-21 के अंतर से जीता। ग्रुप स्तर में भारत की यह तीसरी जीत है। पहले मुकाबले में उसे नेपाल के खिलाफ वॉकओवर मिला था जबकि दूसरे मुकाबले में बांग्लादेश को 34-20 से हराया था। भारत की महिला एवं पुरुष टीमें सेमीफाइनल में पहुंच चुकी हैं।
निशानेबाजी की स्कीट स्पर्धा में भारतीय खिलाड़ियों ने निराशाजनक प्रदर्शन किया। पुरुष टीम जहां टीम स्पर्धा में सातवें स्थान पर रही वहीं भारतीय खिलाड़ी व्यक्तिगत स्पर्धाओं के प्रतिस्पर्धी दौर के लिए क्वालीफाई नहीं कर सके।
भारत के मिराज अहमद खान, एलम डेनियल पीपुल्स और समित सिंह ने कुल 336 अंक हासिल किए जबकि कतर की टीम ने 353 अंकों के साथ स्वर्ण पदक हासिल किया। रजत पदक कुवैत ने जीता जबकि चीन को कांस्य से संतोष करना पड़ा।
12वें दिन एथलेटिक्स में हालांकि भारत को अच्छी खबर मिली। इस दिन कोई पदक तो नहीं मिला लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने अलग-अलग स्पर्धाओं के फाइनल में जगह बनाकर आगे के लिए उम्मीद जगाई है।
अश्विनी चिदानंद अकुंजी और जाउना मुर्मू ने महिलाओं की 400 मीटर बाधा दौड़ के फाइनल में जगह पक्की की वहीं टिंटू लुका महिलाओं की 800 मीटर स्पर्धा के फाइनल में पहुंचने में सफल रहीं। इसके अलावा सैथिया सुरेश ने पुरुषों की 200 मीटर दौड़ की हीट में पहला स्थान प्राप्त किया।
सुरेश ने 21.03 सेकेंड समय के साथ तीसरी हीट में पहला स्थान हासिल किया जबकि अच्छी शुरुआत के बाद राष्ट्रमंडल खेलों में पदक जीतने से चूकीं टिंटू दो मिनट 3.85 सेकेंड के साथ दूसरी हीट में पहले स्थान पर रहीं।
मुर्मू ने 400 मीट बाधा दौड़ की हीट में 57.17 सेंकेंड का समय लिया जबकि अश्विनी ने 59.26 सेंकेड का वक्त लिया। अश्विनी का इस सत्र का यह सबसे शानदार प्रदर्शन था। महिलाओं की बाधा दौड़ स्पर्धा का फाइनल गुरुवार को होगा।
इसके अलावा पुरुषों की 400 मीटर की बाधा दौड़ में जोसेफ अब्राहम ने 50.93 सेकेंड का समय लेकर क्वाइलीफाई किया। पुरुषों के डेकाथलन स्पर्धा में भारत के भरत इंदर सिंह 14.50 मीटर के थ्रो के साथ तीसरे स्थान पर रहे। उन्होंने 749 अंक हासिल किए। लम्बी कूद स्पर्धा में 7.12 मीटर के साथ छठे स्थान पर रहे थे। इसी तरह 100 मीटर की दौड़ में वह आठवें स्थान पर रहे थे।
पुरुषों के डिस्कस थ्रो में भारत को हालांकि निराशा हाथ लगी। भारत के विकास गौड़ इस स्पर्धा के फाइनल में 63.13 मीटर के साथ चौथे स्थान पर रही जबकि ईरान के एहसान हादादी ने 67.99 मीटर की दूरी नापकर स्वर्ण पदक हासिल किया। कतर के मोहम्मद डहीब को 64.56 मीटर के साथ रजत प्राप्त हुआ।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।