जानिए भारत की आन-बान-शान सानिया मिर्जा के बारे में 10 खास बातें
1. सानिया ने कॅरियर की शुरुआत उन्होंने 1999 में विश्व जूनियर टेनिस चैम्पियनशिप में हिस्सा लेकर किया।
2. 2003 उनके जीवन का सबसे रोचक मोड़ बना जब भारत की तरफ से वाइल्ड कार्ड एंट्री करने के बाद सानिया मिर्ज़ा ने विम्बलडन में डबल्स के दौरान जीत हासिल की।
3. वर्ष 2004 में बेहतर प्रदर्शन के लिए उन्हें 2005 में अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
4. 2005 के अंत में उनकी अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग 42 हो चुकी थी जो किसी भी भारतीय टेनिस खिलाड़ी के लिए सबसे ज्यादा थी।
5. 2009 में वह भारत की तरफ से ग्रैंड स्लैम जीतने वाली पहली महिला खिलाड़ी बनीं।
6. हैदराबाद के निज़ाम क्लब हैदराबाद में सानिया ने छ्ह साल की उम्र से टेनिस खेलना शुरु किया था।
7. महेश भूपति के पिता और भारत के सफल टेनिस प्लेयर सीके भूपति से सानिया ने अपनी शुरुआती कोचिंग ली। उनके पिता के पास इतने पैसे नही थे जो वह सानिया को प्रोफेशनल ट्रेनिंग करवा सकें। इसके लिए उन्होंने कुछ बड़े व्यापारिक समुदायों से स्पाँशरशिप ली।
क्या सच में आज सानिया मिर्जा भारत की बेटी नहीं पाक की बहू है?
8. जीवेके इंड्रस्ट्रीज और एडीडास ने सानिया मिर्ज़ा को 12 साल से ही स्पाँशर करना शुरु कर दिया। उसके बाद उनके पिता ने उनकी ट्रेनिंग का जिम्मा ले लिया।
9. अक्टूबर 2005 में टाइम पत्रिका के द्वारा सानिया को एशिया के 50 नायकों में नामित किया गया था।
10. मार्च 2010 में नवभारत टाइम्स समाचार पत्र के द्वारा उन्हें भारत की गौरवान्वित 33 महिलाओं की सूची में नामित किया गया औऱ मौजूदा दौर में वो सानिया नवगठित भारतीय राज्य तेलंगाना की 'ब्रांड एंबेसडर' हैं।