एक पुलिस अधिकारी ने बताया, "मलिक को पाटन के करीब मिरगुंड में हिरासत में लिया गया। उनके कुछ सहयोगियों को भी हिरासत में लिया गया है।"
मलिक कूपवारा जिले में स्थित देवार लालाब गांव जा रहे थे। मलिक की मंशा 70 वर्षीय हबीबुल्लाह खान के परिजनों से मुलाकात करने की थी। खान को सेना ने अलगाववादी गुरिल्ला बताकर 14 अप्रैल को मार दिया था।
इस घटना ने उस समय नाटकीय मोड़ लिया, जब खान के पुत्र राज मोहम्मद खान ने अपने पिता के शव के लिए दावा किया। इसके बाद पता चला कि खान दरअसल एक भिखारी है। खान का पार्थिव शरीर पोस्टमॉर्टम के बाद शनिवार को परिजानों के हवाले कर दिया गया था।
केंद्रीय मंत्री और प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री फारूख अब्दुल्ला ने रविवार को पत्रकारों से कहा था कि उनके पुत्र और प्रदेश के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला इस मामले को सेना प्रमुख जनरल वी.के. सिंह के सामने उठाएंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।