भारत का यह विकेट 92 रन के कुल योग पर गिरा। गंभीर को अपना पहला अंतर्राष्ट्रीय मैच खेल रहे क्लिंटन मैके ने बेन हिफेनहास के हाथों कैच कराया।
भारतीय टीम ने अपना पहला विकेट वीरेंद्र सहवाग के रूप में गंवाया था। इस श्रंखला में अब तक एक भी बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे सहवाग 30 गेंदों पर पांच चौकों और एक छक्के की मदद से 38 रन बनाने के बाद बेन हिफेनहास की एक बाहर जाती गेंद को गलत तरीके से खेलने के प्रयास में डीप फाइन लेग पर डगलस बोलिंगर के हाथों लपके गए।
भारत का यह विकेट 66 रन के कुल योग पर गिरा था। खबर लिखे जाने तक भारतीय टीम ने 14 ओवरों की समाप्ति तक दो विकेट खोकर 97 रन बनाए थे। सचिन तेंदुलकर ने 43 गेंदों पर सात चौकों की मदद से 47 रन बनाए थे जबकि युवराज सिंह ने खाता नहीं खोला था।
अपनी पारी के दौरान सात रन बनाने के साथ तेंदुलकर ने एकदिवसीय मैचों में 17,000 रनों का जादुई आंकड़ा पार किया। यह मुकाम हासिल करने वाले वह विश्व के एकमात्र बल्लेबाज हैं।
इससे पहले, टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी मेहमान टीम ने सलामी बल्लेबाज शॉन मार्श (112) के करियर के पहले शतक और अनुभवी शेन वॉटसन (93) के बीच पहले विकेट के लिए हुए 145 रनों की बहुमूल्य साझेदारी की बदौलत निर्धारित 50 ओवरों में चार विकेट के नुकसान पर 350 रन बनाए।
अपने करियर का पहला शतक लगाने वाले मार्श ने 112 गेंदों का सामना करते हुए आठ चौके और दो छक्के लगाए जबकि इस श्रृंखला में पहली बार उपयोगी पारी खेल रहे वॉटसन ने 89 गेंदों की अपनी तेज पारी के दौरान नौ चौके और तीन गगनचुंबी छक्के जड़े।
मेहमान टीम की ओर से कप्तान रिकी पोंटिंग ने 45 गेंदों पर तीन चौकों और एक छक्के की मदद से 45 रनों का योगदान दिया। पोंटिंग ने मार्श के साथ दूसरे विकेट के लिए 96 रन जोड़े। मध्यक्रम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते आ रहे कैमरून व्हाइट ने 32 गेंदों पर दो चौकों और पांच छक्कों की मदद से 57 रनों की तूफानी पारी खेली।
व्हाइट पारी की अंतिम गेंद पर प्रवीण कुमार की गेंद पर सचिन तेंदुलकर के हाथों कैच आउट हुए। इसके अलावा माइकल हसी 22 गेंदों पर एक चौके और दो छक्कों की मदद से 31 रन बनाकर नाबाद लौटे। हसी और व्हाइट ने चौथे विकेट के लिए 43 गेंदों पर 80 रन जोड़े।
भारत की ओर प्रवीण ने दो विकेट लिए जबकि आशीष नेहरा और हरभजन सिंह के खाते में एक-एक विकेट आए। नेहरा हालांकि काफी महंगे साबित हुए। ईशांत शर्मा के स्थान पर टीम में शामिल किए गए मुनाफ पटेल और रवींद्र जडेजा ने गेंद के साथ निराश किया।
इस मैच के लिए मेहमान टीम ने तीन परिवर्तन किए। खराब फार्म में चल रहे मिशेल जानसन के स्थान पर तेज गेंदबाज क्लिंटन मैके को टीम में जगह मिली जबकि एडम वोग्स, मोएसिस हेनरिक्स का और बेन हिफेनहास ने तेज गेंदबाज पीटर सिडल का स्थान लिया।
मैके को ब्रेट ली के स्थान पर भारत बुलाया गया है। ली कोहनी में चोट के कारण स्वदेश लौट चुके हैं। हेनरिक्स और सिडल भी चोट के कारण स्वदेश लौट चुके हैं। हेनरिक्स की मांसपेशी में खिंचाव था जबकि सिडल को पीठ में तकलीफ थी।
भारतीय टीम ने भी दो परिवर्तन किए। चार मैचों तक इंतजार करने के बाद आखिरकार मुनाफ को खेलने का मौका मिल गया। उन्हें ईशांत के स्थान पर अंतिम-11 में जगह दी गई जबकि विराट कोहली के स्थान पर गौतम गंभीर की वापसी हुई।
गंभीर को दिल्ली में खेले गए तीसरे मुकाबले के दौरान क्षेत्ररक्षण करते वक्त मेहमान कप्तान रिकी पोंटिंग के एक शॉट से गले में चोट लग गई थी। वह मोहली में खेले गए चौथे मुकाबले में नहीं खेल सके थे। उनका स्थान कोहली ने लिया था।
सात मैचों की श्रृंखला के चौथे मुकाबले में भारत को 24 रनों से हराकर आस्ट्रेलिया ने श्रृंखला में 2-2 की बराबरी कर ली। भारतीय टीम ने दिल्ली में खेले गए तीसरे मुकाबले में उसे छह विकेट से हराकर 2-1 की बढ़त बनाई थी। पहला मैच वडोदरा में खेला गया था। आस्ट्रेलिया ने यह मैच चार रनों से जीता था जबकि नागपुर में खेले गए दूसरे मुकाबले में मेजबान टीम ने 99 रनों से जीत हासिल की थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।